स्वाइन फ्लू : टेमीफ्लू अब कितनी कारगर , वैज्ञानिक करेंगें रिसर्च

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के.आर.मुण्डियार

जोधपुर.
देश भर में स्वाइन फ्लू के वायरस एच-1 एन-1 के कहर से सैकड़ों मरीजों की मौत के बाद सरकार से लेकर चिकित्सा विशेषज्ञों के बीच यह सवाल खड़ा हो गया है कि कहीं स्वाइन फ्लू के उपचार में दी जा रही टेमीफ्लू दवा रेसिस्टेंट (प्रतिरोध) तो नहीं हो रही? इन्हीं तमाम आशंकाओं व सवालों के बीच इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आइसीएमआर) ने स्वाइन फ्लू दवा की रेसिस्टेंट पॉवर पर रिसर्च के लिए तैयारी शुरू कर दी हैं।

वायरस जनित बीमारियों पर शोध के लिए पुणे में स्थापित देश के एकमात्र संस्थान नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (एनआइवी) ने इस दिशा में काम शुरू कर दिया है। जिसके तहत देश भर में स्वाइन फ्लू पॉजीटिव जिन मरीजों की मृत्यु हुई हैं या जो पॉजीटिव मरीज स्वस्थ्य हुए हैं, उनके सैम्पल से रिसर्च की जाएगी। स्वाइन फ्लू की दवा देने के बाद भी उनकी मृत्यु कैसे हो गई, उन पर दवा का असर हुआ या नहीं, जैसे तमाम पहलुओं पर इंस्टीट्यूट में गहन अध्ययन किया जाएगा। इसके अलावा वायरस के स्टेन को लेकर भी स्टडी होगी। क्योंकि स्वाइन फ्लू का वायरस बार-बार अपना स्टेन बदल रहा है।


जोधपुर के सैम्पल सुरक्षित कराए

नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी ने देश भर में स्वाइन फ्लू के कहर में जोधपुर की मौतों को चिन्ताजनक माना है। इसलिए देश भर के पॉजीटिव मरीजों के नमूनों के अलावा सबसे पहले जोधपुर के उन पॉजीटिव सैम्पल्स पर अध्ययन किया जाएगा, जिन मरीजों की मृत्यु हो चुकी है। साथ ही अन्य स्वस्थ हो चुके पॉजीटिव मरीजों के नमूनों का भी अध्ययन होगा। डॉ. एस.एन. मेडिकल कॉलेज जोधपुर के माइक्रोबायोलॉजी के विभागाध्यक्ष डॉ. पी. के. खत्री के अनुसार एनआइवी पुणे ने जोधपुर माइक्रोबायोलॉजी लैब के 500 पॉजीटिव सैम्पल माइनस 80 डिग्री तापमान पर सुरक्षित रखवा दिए हैं। देश के विभिन्न सरकारी मेडिकल कॉलेजों में सुरक्षित रखवाए इन सैम्पल को अगले महीने पुणे भेजा जाएगा।
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राजस्थान में स्वाइन फ्लू

वर्ष - पॉजीटिव - मौतें
2013- 865- 165

2014- 65 -34
2015 -6859 - 472

2016 - 197 - 43
2017 - 3619 -280

2018 - 2419 -225
2019 - 4025 - 137 (26 फरवरी तक)

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जोधपुर में सबसे ज्यादा मौतें
प्रदेश में सबसे ज्यादा कहर जोधपुर में बरपा। जोधपुर जोन में वर्ष 2018 में कुल 204 पॉजीटिव मरीजों में से 49 तथा 2019 में 26 फरवरी तक 761 पॉजीटिव मरीजों में से 63 मरीजों की जान चली गई।

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जोधपुर : वर्षवार रिपोर्ट
वर्ष - सैम्पल - पॉजीटिव - मौतें

2009 -2115 - 684 - 80
2010 - 868 - 135 - 07

2011 - 181 - 14 - 05
2012 -817 - 177 - 23

2013 -1289 -214 - 48
2014 -128 - 02 - 02

2015 - 1714 - 357 - 30
2016 - 77 - 44 -01

2017 - 730 - 116 - 19
2018 -1194 - 204 - 49

2019 - 2057 - 761 - 63 (26 फरवरी तक )



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