कैनाल से मिट्टी निकालने वाली नाव पर एक नजर-
लम्बाई- 8 फीट
चौड़ाई - 4 फीट
फ्लोरिंग जोन की सफाई- 36 घण्टे में
लागत - 5 लाख
एैसे काम करेगी नाव-
जोधपुर लिफ्ट कैनाल के पम्पिंग स्टेशन 5 पर लगाई गई यह नाव करीब 8 फीट लम्बी व 4 फीट चौड़ी है तथा इसमें डीजल इंजन व जेनरेटर लगा है। साथ ही दो अलग-अलग पंप व दो पाइप लगे है। इसके संचालन के लिए ड्राइवर की आवश्यकता होती है। इस नाव को कैनाल के फ्लोरिंग जोन में उतारा जाता है, जहां सबसे ज्यादा मिट्टी जमा होती है। इसमें एक पाइप से मिट्टी में पानी डाला जाता है तथा दूसरे पाइप से मिट्टी को बाहर निकाला जाता है। साथ ही नाव को इच्छानुसार आगे-पीछे चलाया जा सकता है।
एैसे हुई प्रयोग की शुरूआत-
नदियों में बजरी निकालने के लिए जिस तरह से नाव का उपयोग किया जाता है, उसी तरह से कैनाल में जमा मिट्टी को बाहर निकालने के लिए इस नाव का उपयोग करने की योजना है। हालांकि अभी तक यह नाव प्रायोगिक तौर पर पीएस 5 पर लगाई गई है।
कैनाल में नहीं होगी तोड़-फोड़-
क्लोजर के दौरान सफाई के लिए भारी-भरकम मशीनों को कैनाल में उतारा जाता है। जिससे कैनाल में जगह-जगह पर तोड़-फोड़ हो जाती है। इस तोड़-फोड़ से निजात पाने के लिए मिट्टी निकालने में नाव का उपयोग करने की योजना है। (निसं)
प्रयोग सफल रहा तो बढेगी संख्या-
नदियों से बजरी निकालने के तर्ज पर कैनाल से मिट्टी निकालने के लिए पीएस 5पर नाव लगाई गई है। अगर यह प्रयोग आगामी दिनों में क्लोजर में सफल रहा तो पम्पिंग स्टेशन 1, 2 व 7 पर भी इस प्रकार की नाव लगाई जाएगी।
जीपी शर्मा, प्रेसिडेंट, जीसीकेसी
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