जोधपुर.
शहर में स्वाइन फ्लू की मौतों का सिलसिला कम नहीं हो रहा है। शुक्रवार को दो मरीजों की मृत्यु हो गई। लगातार हो रही मौतों को लेकर चिकित्सा विभाग एवं एसएन मेडिकल कॉलेज प्रशासन भी सकते में हैं। क्योंकि फरवरी में स्वाइन फ्लू के कहर के कम होने की उम्मीद के बीच मौतें नहीं थमने के कारण अफसरों की चिन्ता बढ़ रही है।
संभाग के सबसे बड़े मथुरादास माथुर अस्पताल की रिपोर्ट के अनुसार 4 फरवरी से अस्पताल में भर्ती गोपालसर गांव (बालेसर ) निवासी हुकुमसिंह (60) की गुरुवार दोपहर ढाई बजे मृत्यु हो गई। लेकिन अस्पताल प्रशासन की ओर से हुकुमसिंह की मृत्यु की रिपोर्ट शुक्रवार को जारी की गई। इसी प्रकार से एमडीएम के पीडियाट्रिक स्वाइन फ्लू वार्ड में भर्ती बाड़मेर जिले के शिव तहसील के बरियारा कुडेल निवासी महिपालदान (2) की मृत्यु हो गई। इस बच्चे को गुरुवार को भर्ती कराया गया था। जहां स्थिति गंभीर होने पर मृत्यु हो गई। गौरतलब है कि जोधपुर जोन में इस साल जनवरी माह से अब तक 49 मरीजों की मृत्यु हो चुकी है। जनवरी माह में 39 मौतें और फरवरी माह में 10 मौतें हुई हैं।
देरी से क्यों दे रहे रिपोर्ट ?
मेडिकल कॉलेज मृतकों की पॉजीटिव रिपोर्ट सार्वजनिक करने से कतरा रहा है। बालेसर के मरीज की मृत्यु गुरुवार को ही हो गई। लेकिन परिजन को सौंपने के साथ परिजन को स्वाइन फ्लू संदिग्ध तो माना, लेकिन पॉजीटिव होना नहीं बताया। परिजन व ग्रामीणों ने शव का अन्तिम संस्कार कर दिया। प्रशासन ने शुक्रवार को जारी रिपोर्ट में मृतक को स्वाइन फ्लू पॉजीटिव बताया। ऐसे में कॉलेज प्रशासन की भूमिका पर सवाल खड़ा हो रहा है कि प्रशासन की अेर से रिपोर्ट देरी से क्यों जारी की जा रही है?
अस्पताल में भर्ती मरीज-
शुक्रवार की रिपोर्ट के अनुसार एमडीएम अस्पताल में चार वार्ड में कुल 27 पॉजीटिव मरीज भर्ती है। इसमें 11 नए पॉजीटिव हैं और 13 मरीज को संदिग्ध मानते हुए इलाज किया जा रहा है। पांच पॉजीटिव मरीज वैंटीलेटर पर है।
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