पीएम मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट के प्रति गंभीर नहीं कई सांसद

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मार्च 2019 तक ग्राम पंचायतों का चयन कर विकास कार्य करवाने हैं पूर्ण

के. आर. मुण्डियार

जोधपुर.

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 11 अक्टूबर 2014 को स्मार्ट सिटी योजना की तर्ज पर गांवों के विकास के लिए सांसद आदर्श ग्राम पंचायत योजना शुरू की थी, जिसके तहत सांसदों को तीन चरण मेंं अपने क्षेत्र में तीन-तीन आदर्श ग्राम पंचायतों का चयन कर विकसित करना था। केन्द्र सरकार के कार्यकाल का साढ़े चार साल से अधिक समय गुजरने के बाद भी राजस्थान के 13 लोकसभा सदस्य व 7 राज्य सभा सदस्यों ने तृतीय चरण मेंं आदर्श ग्राम पंचायतों का चयन ही नहीं किया।

ग्रामीण विकास एवं पंचायतराज विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजेश्वरसिंह की ओर से प्रदेश के सभी जिला कलक्टर को भेजे पत्र से इसका खुलासा हो रहा है। पत्र में जिला कलक्टरों को सांसदों से व्यक्तिश: सम्पर्क कर योजना के तहत आदर्श ग्राम पंचायत चयन करवाने एवं मार्च 2019 तक चयनित ग्राम पंचायतों को विकसित करवाने के निर्देश दिए गए हैं। गौरतलब है कि योजना के तहत सांसदों को प्रथम, द्वितीय व तृतीय चरण में क्रमश: 34, 31 व 13 समेत कुल 78 ग्राम पंचायतों का चयन किया गया है। सांसद आदर्श ग्राम पंचायत योजना को प्रधानमंत्री मोदी का ड्रीम प्रोजेक्ट माना गया, इसके बावजूद कुछ सांसदों ने इसको गंभीरता से नहीं लिया।

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तृतीय चरण में चयन नहीं की पंचायतें--

-लोकसभा सदस्य-

झालावाड़ा-बारां से सांसद दुष्यंतसिंह, टोंक-सवाईमाधोपुर से सांसद सुखवीरसिंह जौनपुरिया, अलवर से डॉ. करणसिंह यादव, बांसवाड़ा से मानशंकर निनामा, चुरू से राहुल कस्वां, श्री गंगानगर से निहालचंद, जयपुर शहर से रामचरण बोहरा, जालोर से देवजी पटेल, जोधपुर से गजेन्द्रसिंह शेखावत, करौली-धौलपुर से मनोज राजोरिया, कोटा से ओम बिड़ला, उदयपुर से अर्जुनलाल मीणा, चित्तौडग़ढ़ से सी.पी. जोशी।

राज्यसभा सदस्य-

जोधपुर से राज्य सभा सदस्य रामनारायण डूडी, जोधपुर से राज्य सभा सदस्य नारायणलाल पंचारिया, जयपुर से ओमप्रकाश माथुर, दौसा से रामकुमार वर्मा, डूंगरपुर से हर्षवर्धनसिंह डूंगरपुर, दौसा से किरोड़ीलाल तथा सीकर से मदनलाल सैनी।

द्वितीय चरण को भी भूले--

झालावाड़-बारां से सांसद दुष्यंतसिंह व टोंक-सवाईमाधोपुर के सांसद सुखवीरसिंह जौनपुरिया ने तो तृतीय चरण के अलावा द्वितीय चरण में भी एक भी आदर्श ग्राम पंचायत का चयन नहीं किया।

अनुमोदित कार्य भी अधूरे--

ग्रामीण विकास व पंचायतराज विभाग की बेबसाइट पर जनवरी माह तक की रिपोर्ट के अनुसार सांसद आदर्श ग्राम योजना के तहत अनुमोदित कार्यों को पूर्ण करने में भी ढिलाई सामने आई है। जनवरी में हुई समीक्षा बैठक में अनुमोदित कुल कार्यों में से 36.24 कार्य ही पूर्ण बताए गए। समीक्षा बैठक में ग्रामीण विकास मंत्रालय के प्रमुख सचिव ने कार्यों की अपूर्णता को लेकर गहरी नाराजगी भी जताई और अप्रारम्भ कार्यों को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए थे।



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