जोधपुर.
राजस्थान हाईकोर्ट ने श्रीगंगानगर विधानसभा क्षेत्र से विधायक के निर्वाचन को चुनौती देने वाली चुनाव याचिका पर संबंधित पक्ष को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
कोर्ट ने विधानसभा क्षेत्र के रिटर्निंग अधिकारी को गत वर्ष दिसंबर में सम्पन्न विधानसभा चुनाव से सम्बंधित सभी दस्तावेज और सामग्री संरक्षित रखने के आदेश देते हुए कहा कि बिना अनुमति चुनाव सामग्री का कोई व्यक्ति निरीक्षण नहीं कर सकेगा।
हालांकि कोर्ट ने ईवीएम तथा वीवीपैट को आगामी लोकसभा चुनावों में इस्तेमाल करने की इजाजत दे दी। मामले की अगली सुनवाई ४ अप्रेल को होगी।
न्यायाधीश विनीत कुमार माथुर ने विधानसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी अशोक चांडक की ओर से दायर चुनाव याचिका पर निर्दलीय विधायक राजकुमार गौड़ को नोटिस जारी किया।
याची की ओर से अधिवक्ता विकास बालिया और राजेश परिहार ने कोर्ट को बताया कि निर्दलीय प्रत्याशी गौड़ ने वर्ष 2008 में चुनाव लड़ा था तब नाम निर्देशन पत्र में खुद के खिलाफ दर्ज एक आपराधिक मामले का हवाला दिया, लेकिन वर्ष 2018 में हुए चुनाव में नाम निर्देशन पत्र में आपराधिक मुकदमा लंबित होने के कॉलम में सूचना शून्य बता दिया।
जबकि प्रतिवादी के खिलाफ पूर्व में लंबित प्रकरण मेें चालान पेश हो चुका है और कोर्ट चालान के आधार पर संज्ञान भी ले चुका है।
बालिया ने बताया कि यदि प्रतिवादी खुद के खिलाफ लंबित आपराधिक प्रकरण की जानकारी का नाम निर्देशन पत्र में उल्लेख करता तो उसे नए नियमों के अनुसार समाचार पत्रों में भी इस आशय की जानकारी सार्वजनिक करनी पड़ती।
लेकिन मतदाताओं के मानस प्रभावित होने की आशंका के चलते प्रतिवादी ने जानकारी छिपाई। जबकि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद आपराधिक प्रकरणों से जुड़ी सूचनाओं को सार्वजनिक करना आवश्यक है।
उन्होंने बताया कि चुनाव याचिका परिणाम जारी होने के नियत 45 दिन के भीतर जनप्रतिनिधित्व अधिनियम के प्रावधानों के अनुरूप प्रस्तुत की गई है, इसलिए विचारणीय है। न्
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