जोधपुर.
गर्मी का मौसम शुरू हो गया, इसका मतलब यह नहीं है कि जोधपुर संभाग में स्वाइन फ्लू का कहर खत्म हो गया। स्वाइन फ्लू की विदाई मानकर लापरवाही कतई नहीं बरतें। क्योंकि जोधपुर संभाग में स्वाइन फ्लू का वायरस एच-1एन-1 अपनी जेनेटिक शक्ल बदल रहा है। चिकित्सक मान रहे थे कि फरवरी में स्वाइन फ्लू का असर कम हो जाएगा, लेकिन स्वाइन फ्लू का कहर तो बना हुआ है।
तापमान बढऩे के बावजूद मरीजों की जान ले रहा है और अपना असर बनाए हुए हैं। गुरुवार को शहर में स्वाइन फ्लू पॉजीटिव दो और महिलाओं की मृत्यु हो गई। शहर के मथुरादास माथुर अस्पताल में स्वाइन फ्लू की चपेट में आकर कई मरीज भर्ती हो रहे हैं, अभी तक वार्डों को भी कोई खास राहत नहीं मिली है। वेंटीलेटर पर भी मरीजों का इलाज किया जा रहा है। स्वाइन फ्लू के लक्षणों के मरीज लगातार सामने आने से चिकित्सक भी मान रहे हैं कि स्वाइन फ्लू का वायरस अपनी जेनेटिक शक्ल बदल रहा है।
जोधपुर का मौसम वायरस की सक्रियता के अनुकूल बन रहा है, गर्मी में भी सर्वाइव कर रहा है। गुरुवार को शहर में स्वाइन फ्लू से दो और महिलाओं की मौत हो गई है। मृतकों में एक महिला बाड़मेर जिले सेवदा गांव व दूसरी महिला पाली जिले के गुड़ा गांव निवासी है। साथ ही 21 नए सैम्पलों की जांच में 4 नए पॉजीटिव मरीज सामने आए हैं। एसएन मेडिकल कॉलेज की रिपोर्ट के अनुसार स्वाइन फ्लू पॉजीटिव बाड़मेर जिले के सेवदा गांव निवासी 70 वर्षीय सुगनी व पाली जिले के गुडा कलां गांव निवासी 35 वर्षीय रसदा की मृत्यु हो गई। गौरतलब है कि इस वर्ष जोधपुर शहर में ६० मरीजों की मृत्यु स्वाइन फ्लू से हो गई है।
विभाग की सुस्ती पड़ सकती है भारी-
जानकारों के अनुसार चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग भी तापमान बढऩे के साथ स्वाइन फ्लू का असर कम मानते हुए लापरवाही पर उतर आया है। एमडीएम अस्पताल प्रशासन भी गंभीरता कम दिखा रहा है। ऐसी लापरवाही मरीजों की जान पर भारी पड़ सकती है।
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