गोबर से बना रहे है गैस और पशु मूत्र का उपयोग खाद की तरह

पोस्ट पसंद आये तो लाइक जरुर करे ?

बिलाड़ा (जोधपुर). पशुपालन का जुनून ऐसा लगा कि अपनी सरकारी नौकरी छोड़ कर एक शिक्षक ने अपना जीवन पशु पालन मे लगा दिया और अब गोबर से गैस बना रहे है जो पूरे घर में काम में आती है। गाय-भैंसों को मूत्र इक_ा करने के लिए खेळी बना दी और खेतों में खाद के काम में ले रहे है। यह कहानी है आधुनिक किसान भंवरलाल सीरवी की।


भंवरलाल सीरवी 1962 में मैट्रिक पास कर सरकारी अध्यापक लगे, 10 वर्ष बाद नौकरी छोड़ पशु पालन में जुट गए। दो गायों से शुरू पशुपालन का सफर आज 20 गाय व भैंस की संख्या पर पहुंच गया है। सभी पशुओं के मूत्र करने एक पाइप बना दिया गया और मूत्र पाइप के सहारे एक कुण्ड में आ जाता है और उस मूत्र को खेतों के पानी छोडऩे के साथ शामिल किया जाता। इससे वह मूत्र खेतों में यूरिया खाद का काम करता है।

 

वहीं गोबर गैस के लिए एक प्लांट भी लगा दिया। उस गैस से परिवार में खाना बनता है। इसके बाद प्लांट से निकाले गए गोबर को खेतों मे खाद के रूप मे डाल दिया जाता है। खेत में जो खेती होती है वह भी बगैर रसायनिक खाद के उपयोग से कर रहे है।



from Patrika : India's Leading Hindi News Portal http://bit.ly/2D8W9dL
Share on Google Plus

About Atul

This is a short description in the author block about the author. You edit it by entering text in the "Biographical Info" field in the user admin panel.

0 comments:

Post a Comment