स्टोरी : अविनाश केवलिया/कार्टून : आर पटेल/जोधपुर. अगर आपने शहर में आशियाना बनाने के लिए जमीन ले रखी तो लीज और उस पर निर्माण करवा लिया या करवाना शुरू कर दिया तो उपकर राशि जमा करवाने के लिए तैयार हो जाइये। इस माह आपके मोबाइल या घरों तक नोटिस पहुंच सकता है। दो अधिनियम के तहत अलग-अलग विभाग नोटिस व वसूली शुरू होने से यह वसूली चर्चा में है। जोधपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) ऐसे भूखंडधारियों को नोटिस थमाने की तैयारी कर चुका है, जिन्होंने लीज राशि जमा नहीं करवाई है। दूसरी ओर श्रम विभाग अचानक जागा है और अपने पुराने नियम भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण (उपकर) अधिनियम के तहत वसूली में जुट गया है। यह वसूली सरकारी विभागों और निजी भूखंड धारकों व भवन बनाने वालों से होगी।
कुर्की की तैयारी
किसी सरकारी भवन, जिसकी लागत चाहे कितनी भी हो उससे एक प्रतिशत राशि वसूली जाएगी। निजी निर्माण, जिसकी लागत 10 लाख या अधिक है तो लागत का एक प्रतिशत वसूला जाएगा। यह राशि कर्मकार कल्याण मंडल कोष में जमा होती है। विभाग ने पिछले कुछ दिनों में 10 करोड़ की राशि जमा कर ली है तथा करोड़ों रुपए और वसूलने की तैयारी है। विभाग ने 180 प्रथम व द्वितीय नोटिस जारी कर दिए हैं। संयुक्त श्रम आयुक्त सुरेशचंद शर्मा बताते हैं कि नोटिस जारी होने के बाद भी राशि जमा नहीं करवाई तो कुर्की की कार्रवाई की जा सकती है। यह राशि संनिर्माण कार्य में लगे श्रमिक हितों के उपयोग में की जाती है।
जेडीए वसूल रहा लीज राशि
ऐसे भूखंड चाहे जेडीए की योजना के हों या निजी कॉलोनाइजर की ओर से बेचे गए हों, यदि उन्होंने जेडीए से प्लान अप्रूव करवाया है तो उनसे लीज राशि की वसूली होगी। जेडीए इसके लिए संबंधित के फोन पर सूचनाएं देने के साथ नोटिस भी जारी कर रहा है। लीज राशि की गणना संबंधित भूखंड धारक विभाग की वेबसाइट पर अपनी कॉलोनी का नाम, भूखंड संख्या के आधार पर कर सकता है।
तो सीज की कार्रवाई भी
लीज राशि का अभियान इस वित्तीय वर्ष के अंत तक पूरा करने का टारगेट है। आयुक्त गौरव अग्रवाल ने बताया कि 300 करोड़ से अधिक राशि का टारगेट है। यदि कोई नोटिस के बाद भी राशि जमा नहीं करवाता है तो सीज कार्रवाई भी की जा सकती है।
एक नजर में वसूली जाने वाली राशि की जानकारी
- 10 लाख की लागत मकान निर्माण पर आई है तो 1 प्रतिशत राशि उपकर के तौर पर लगेगी।
- यानि 10 हजार की राशि श्रम विभाग में जमा करवानी होगी।
- निर्माण लागत बढ़ती है तो यह राशि भी बढ़ सकती है।
- 10 करोड़ रुपए अब तक वसूले हैं।
- 300 करोड़ की लीज राशि वसूलने का टारगेट है।
- 15 से अधिक सरकारी कॉलोनियां व 100 से अधिक निजी कॉलोनियों के भूखंड धारकों से लीज राशि वसूलने की तैयारी।
- संबंधित क्षेत्र व भूखंड के आकार के आधार पर लीज राशि की गणना।
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