विकास के नए-पुराने सपने, शहर की ‘ सरकार ’ ने रखा 719 करोड़ का बजट

पोस्ट पसंद आये तो लाइक जरुर करे ?

 

 

भाजपा की वार्ड 42 की पार्षद विमला सांखला की शिकायत पर वार्ड निरीक्षक निलंबित

सदन के बाहर निगम कर्मचारियों ने जताया रोष

नगर निगम का बजट वर्ष 2019-2020

आवर्तक आय- 20816.70
अनावर्तक आय- 44595.00

आवर्तक व्यय- 24893.50
अनावर्तक व्यय- 39915.00

(राशि के रुपए लाखों में)

जोधपुर. नगर निगम में बुधवार को भाजपा शासित बोर्ड के महापौर घनश्याम ओझा ने शहर के विकास को अमली जामा पहनाते हुए 7 अरब, 19 करोड़, 25 लाख, 62 हजार का बजट रखा। हालांकि इस बजट में कोई नया ऐतिहासिक फैसला नहीं लिया गया। बजट में पार्षदों, विधायकों व नेता प्रतिपक्ष को विशेष रूप से खुश करने के लिए उनके कंधे जरूर मजबूत किए गए है। निगम ने गत बोर्ड की आय से अपनी आय रिकार्ड आंकड़ों में बेहतर रूप से प्रस्तुत करने का प्रयास किया। करीब चार घंटे चली सभा में पक्ष और विपक्ष के पार्षद विकास के नाम पर उलाहना देते भी खूब नजर आए।
बैठक की शुरुआत में ही वार्ड 42 की भाजपा पार्षद विमला सांखला, वार्ड निरीक्षक पर अभद्रता का आरोप लगाते हुए जमीन पर बैठ गई। इस दौरान कांग्रेसी व भाजपा पार्षद भी सांखला के समर्थन में आ गए और आपस में उलझ गए। सदन की बैठक के दौरान वार्ड निरीक्षक अनिल सारवान को निलंबित कर दिया गया। वार्ड निरीक्षक के निलंबन से गुस्साए नगर निगम कर्मचारियों ने सदन के बाहर हंगामा करना शुरू कर दिया। बजट बैठक करीब चार घंटे तक चली। जिसमें पार्षदों ने अपने क्षेत्र की समस्याओं का अंबार लगा दिया। इसमें भाजपा व कांग्रेस के दोनों ही पार्षद शामिल थे। सदन में कुल 19 प्रस्ताव रखे गए, जिसमें से 18 को सर्वसम्मति से पारित किया गया। इस बैठक में सूरसागर विधायक सूर्यकांता व्यास, शहर विधायक मनीषा पंवार, उप महापौर देवेन्द्र सालेचा, राजेन्द्र गहलोत, हरिगोपाल राठी, नेता प्रतिपक्ष राजेन्द्रसिंह सोलंकी, उप नेता प्रतिपक्ष गणपतसिंह चौहान, कार्यवाहक आयुक्त अनुराग भार्गव, उपायुक्त व पार्षदगण मौजूद थे।

विधायक, उप महापौर व नेता प्रतिपक्ष की अनुशंषा पर होंगे 1 करोड़ के विकास
बजट बैठक के दौरान महापौर घनश्याम ओझा ने घोषणा कर कहा कि पार्षदों की मांग को ध्यान में रखते हुए इस बोर्ड के शेष बचे समय में प्रत्येक वार्ड में पार्षद व जनप्रतिनिधि की अनुशंषा पर 50-50 लाख रुपए के विकास कार्य 65 वार्डों में कराए जाएंगे। इसके अलावा तीनों विधायक, उप महापौर व नेता प्रतिपक्ष की अनुशंषा पर 1-1 करोड़ रुपए के विकास कार्य करवाए जाएंगे। ये एक वार्ड में अधिकतम 10 लाख रुपए के विकास कार्यों की अनुशंषा कर सकेंगे।

लोकाचार वाली महिलाओं के लिए हर वार्ड में बनेंगे स्नानघर

वार्डों में मौत-मरण जैसे कार्यों के लिए महिलाओं के नहाने के लिए हरेक वार्ड में 2 महिला स्नानघर का निर्माण कराया जाएगा। इसके अलावा सडक़ों की मरम्मत व नवीनीकरण के लिए नगर निगम 35 करोड़ का ऋण प्राप्त कर निगम के सभी वार्डों में ज्यादा क्षतिग्रस्त सडक़ों की मरम्मत का कार्य करवा चुका है। अब इस कार्य के लिए राज्य सरकार से 50 करोड़ रुपए और मांगें हैं।

...................

पत्रिका अभियान-ईपीएस लगाएं.......निगम ने दिखाया शहर को ब्ल्यू सिटी बनाने का सपना

नगर निगम ने इस बार शहर को ब्ल्यू सिटी के रूप में पहचान दिलाने के लिए सपना दिखाया है। निगम ने भीतरी शहर के मकानों की छतों को ब्ल्यू कलर के लिए किस प्रकार के नियम, उपनियम बनाए जा सकते है या स्वयं सेवी संस्थाओं से किस प्रकार सहयोग लिया जा सकता है को लेकर पार्षद राजेन्द्र गहलोत की अध्यक्षता में कमेटी गठित की। इस कमेटी में सत्ता पक्ष और विपक्ष के 4-4 पार्षद एवं एक-एक सदस्य मेहरानगढ ट्रस्ट व गाइड एसोसिएशन का होगा। महापौर ओझा ने बताया कि निगम आयुक्त इस कमेटी के सचिव होंगे और यह कमेटी एक माह के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।

फोटो.़.़.़पत्रिका की प्रति उठाकर उप नेता प्रतिपक्ष गणपतसिंह ने दर्शाई की गंगलाव की हालत
राजस्थान पत्रिका ने बुधवार के अंक में ‘एक था गंगलाव तालाब... बस अब यही सुनना बाकी है’ शीर्षक से खबर प्रकाशित कर दुर्दशा को बयां किया। सदन में उप नेता प्रतिपक्ष गणपतसिंह चौहान ने महापौर के समक्ष गंगलाव तालाब की दुर्दशा को बयां किया। इसी कड़ी में नेता प्रतिपक्ष राजेन्द्रसिंह सोलंकी ने भी शहर के तालाबों की दुर्दशा सुधारने पर अपने विचार रखे।

बाईजी का तालाब व गंगलाव तालाब से हटेगा मलबा

महापौर ओझा ने अपनी घोषणा में कहा कि रामतलाई को जनसहयोग से संवारने का कार्य किया गया है। बाईजी का तालाब में निगम ने अपने संसाधनों से मलबा हटाने व पंप से खाली करने का कार्य किया जा रहा है। सफाई के बाद दीवारों की मरम्मत होगी। बाईजी तालाब के बाद गंगलाव तालाब से मलबा हटाने का कार्य होगा। सभी तालाबों की क्षतिग्रस्त दीवारों की मरम्मत के लिए इस बजट में प्रावधान किया गया है।

-------
रेलवे स्टेशन की दुकानों का मुद्दा उठा

रेलवे प्रशासन की ओर से स्टेशन के बाहर निगम की 14 दुकानों के बाहर रैलिंग लगाकर व्यापारियों के व्यवसाय ठप्प करने का मुद्दा भी उठा। पार्षद शहाबुद्दीन ने कहा कि यदि रेलवे सही है तो उन्हें मध्य रात्रि व अलसुबह रैलिंग लगाने की नौबत क्यों आई? इस पर महापौर ओझा ने न्याय संगत कार्रवाई का आश्वासन दिया। पार्षद शहाबुद्दीन ने हमेशा की तरह आरोप लगाया कि पहले वाले महापौर रामेश्वर दाधीच बोलते नहीं थे, इस बार महापौर किसी की सुनते नहीं है।

पत्रिका की खबर की ईपीएस---शिप्रा के नाम से होगा रोड का नामकरण

अफ गानिस्तान के काबूल में आतंकी हमले में जान गंवाने वाली शिप्रा के निवास वाली रोड का नामकरण शिप्रा पथ के नाम से करने का प्रस्ताव पारित किया गया। पत्रिका ने शिप्रा को मिले मान शीर्षक से समाचार अभियान चलाया था।
----------

उप महापौर व पार्षद के बीच विवाद

26 जनवरी की कमेटी में शामिल कार्यक्रमों को लेकर पार्षद चैनसिंह इंदा व उप महापौर देवेन्द्र सालेचा के मध्य भी विवाद हो गया। इस दौरान पार्षद विश्वजीत जोशी सहित अन्य पार्षदों ने इंदा को बाहर ले जाकर शांत किया।

-------
निलंबित वार्ड प्रभारी के पक्ष में उतरे कर्मचारी

सदन में पार्षद विमला सांखला की ओर से वार्ड निरीक्षक पर अभद्रता के आरोप और वार्ड निरीक्षक अनिल सारवान को निलंबित करने से नाराज होकर नगर निगम कर्मचारी नेता राजेश तेजी व अमरलाल बोहरा ने प्रदर्शन किया। वार्ड निरीक्षक सारवान ने कहा पार्षद आचार संहिता के अंदर मेरे कार्यालय में आकर बैठ गई। वहां से मेरा रजिस्टर जमींदार से ले लिया। पार्षद विमला सांखला का कहना है कि वार्ड निरीक्षक ने उस दिन अभद्रता करते हुए उन्हें सीट से उठ जाने के लिए कहा। उनको वार्ड निरीक्षक ने कहा था कि यहां उन्हें बैठने का कोई अधिकार नहीं है।

ये बात फिलहाल खुश करने वाली

- अमृत योजना के अंतर्गत प्रथम चरण में रुपए 85 करोड़ रुपए की स्वीकृति प्राप्त हुई। जिसके तहत सीवरेज के लिए 36 किमी लाइन बिछाई जाएगी। इससे वॉल सिटी, सरदारपुरा, रातानाडा, शास्त्रीनगर व अजीत कॉलोनी के लगभग 1 लाख निवासी लाभान्वित होंगे।

- 50 मैंन हॉल को लेवल सेंसर लगाकर स्काडा सिस्टम से जोड़ा जा रहा है। मार्च तक कार्य पूर्ण करने की संभावना।
- शहरी परिवहन के लिए लो फ्लोर बसों की स्वीकृति के लिए 3 करोड़ का बजट रहेगा। 20 बसें खरीदेंगे।

- घर-घर कचरा संग्रहण के लिए शेष निविदा की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। जहां नहीं दिखाएंगे संवेदक रुचि, वहां करेगा निगम कार्य।
- बासनी बेंदा सीवरज ट्रीटमेंट प्लांट निर्माण के लिए 54.33 करोड़ में से 49.53 करोड़ रुपए राज्य सरकार से आवंटित किए जाने है। सालावास व बासनी बेंदा एसटीपी के लिए निर्माण के लिए सीएम बजट घोषणा 2012-13 के तहत 90 करोड़ कुल स्वीकृत है।

- सरदारपुरा गांधी मैदान पार्र्किंग पर दुकानदारों व आमजन के आग्रह पर शुल्क कम करने पर अलग से प्रस्ताव लाया जाएगा।

- बालिकाओं के 32 स्कूलों में सेनेट्री वेडिंग स्थापना के बाद अन्य जगहों पर होगी मशीनें स्थापित।

- 10 स्थानों पर और लगेंगे ओपन एयर जिम।- राजकीय शारीरिक शिक्षा महाविद्यालय में खेल केन्द्र के रूप में विकसित करने की तैयारी। ताकि क्रिकेट, फुटबॉल, हैंडबाल व एथलेटिक्स खेलों को मिले बढ़ावा। खेल गांव की तर्ज पर सुविधाएं विकसित करने की घोषणा की।- कर्मचारियों को 7वें वेतन आयोग के एरियर की प्रथम किश्त का भुगतान माह फरवरी 2019 के अंत तक करने के लिए कहा। साथ ही कर्मचारियों के व्यक्गित दावों का भुगतान 15 फरवरी तक करने के लिए कहा।
-------

पांच पार्क व सामुदायिक भवन दिए गोद

नगर निगम ने वार्ड संख्या में 3 में स्थित राममंदिर व पार्क को इसी नाम की मोहल्ला विकास समिति, वार्ड संख्या 8 में सेक्टर 6 के कैलादेवी पार्क को मां कैला देवी पार्क विकास समिति, पाल लिंक रोड कृष्ण मंदिर के पीछे सार्वजनिक सामुदायिक हॉल को श्री राधाकृष्ण चेरिटेबल सोसायटी, सूरसागर रोड पर नगर निगम के निर्मित मोक्षधाम को सुदर्शन सेवा संस्थान और आदित्य नगर रॉयल्टी नाका वार्ड संख्या 64 को वीर तेजाजी सेवा संस्थान को गोद दिया।

ये प्रमुख प्रस्ताव हुए पारित

1-आखलिया चैराहे से पावटा तक एलिवेटेड रोड बनाने के लिए राज्य सरकार को भेजने

2- घंटाघर में दुकानों को सबलेट करने के लिए दुकानदारों की ओर से जमा करवाई गई राशि को पुन लौटाने

3- बैंक ऋ ण के लिए एनओसी जारी करने के लिए एक हजार रुपए को शुल्क लेने

4-लीज डीड के नवीनीकरण के लिए 3000 रूपए शुल्क लेने और अधिकार पत्र के नवीनीकरण के लिए 1 हजार रुपए शुल्क लेने,

5-जोधपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड को विद्युत कनेक्शन जारी करने के लिए जारी किए जाने वाले अनापत्ति प्रमाण पत्र के लिए व्यवसायिक भवन के लिए 3 हजार व आवासीय भवन के लिए 1 हजार शुल्क लेने

-------

सभी वार्डों में समान रूप से किया कार्य
आमजन के लिए बहुत अच्छा बजट रहा है। गत बोर्ड के मुकाबले हमारे रेवेन्यू भी अच्छी रही है। काफी विकास कार्य करवाए है। सभी वार्डों में समान रूप से कार्य किया है। - घनश्याम ओझा, महापौर

पार्षद के काम हुए नहीं

मेरी नजर में बजट खानापूर्ति है। इसमें विकास वाली कोई बात नहीं है। बजट में बातें बहुत है, लेकिन धरातल पर कुछ नहीं हो रहा है। पहले भी बजट था, पार्षदों के काम हुए नहीं थे।
- राजेन्द्र सोलंकी, नेता प्रतिपक्ष, नगर निगम

-----
भाजपा बोर्ड ने यूं बताया आय मद की वसूली से आय होना

मद- - गत बोर्ड का कार्यकाल - वर्तमान बोर्ड का कार्यकाल - प्रतिशत
नगरीय विकास कर - 1060.74 - 7270.68 - 685.43

भूमि विक्रय से आय - 1268.85 - 7841.47 - 618.00
भू-उपयोग परिवर्तन से आय- 2130.56 - 3530.29 - 156.70

भवन निर्माण अनुमति से आय - 2293.25 - 3137.96 - 136.83

(-वर्तमान बोर्ड का 4 साल 2 माह की अवधि)



from Patrika : India's Leading Hindi News Portal http://bit.ly/2HXv6HU
Share on Google Plus

About Atul

This is a short description in the author block about the author. You edit it by entering text in the "Biographical Info" field in the user admin panel.

0 comments:

Post a Comment