राजेश दीक्षित/जोधपुर. जोधपुर हवाई अड्डा विस्तार योजना के तहत वायुसेना को दी जाने वाली 69 एकड़ जमीन की दरों को लेकर चल रहा विवाद अब थम गया है। राज्य सरकार ने इस जमीन की कीमत 120 करोड़ रुपए तय कर दी है। अब वायु सेना 120 करोड़ रुपए जोधपुर नगर निगम को देगी और निगम यह जमीन वायुसेना को हस्तांतरित कर देगी। वायुसेना को दी जाने वाली इस जमीन की दरों को लेकर नगर निगम व वायुसेना के बीच पिछले कई वर्षों से विवाद चल रहा था। इस कारण निगम यह जमीन वायुसेना को नहीं दे पा रहा था।
गत 24 जनवरी को जोधपुर संभागीय आयुक्त ललित कुमार गुप्ता की अध्यक्षता में बैठक हुई। इसमें जिला कलक्टर प्रकाश राजपुरोहित व निगम आयुक्त सुरेश कुमार ओला भी उपस्थित रहे। इस बैठक में तय किया गया कि नगर निगम की 69 एकड़ भूमि 26 मार्च 2017 की डीएलसी दर अनुसार 120 करोड़ 22 लाख 56 हजार रुपए बनती है। इसके बाद इस प्रस्ताव को राज्य सरकार की अनुशंसा के लिए भेज दिया गया। राज्य सरकार ने अब 1 फरवरी को संभागीय आयुक्त की अनुशंसा का अनुमोदन कर दिया है। ऐसे में अब जमीन को लेकर चल रहा विवाद समाप्त हो गया है। वायुसेना द्वारा नगर निगम को 120 करोड़ रुपए से अधिक राशि सौंपते ही जमीन हस्तांतरित हो जाएगी।
अब निगम ने भी दी सैद्धांतिक सहमति
एमओयू में तय किया गया था कि जमीन की दरें राज्य सरकार तय करेगी। जमीन की दरों को लेकर पिछले लम्बे समय से मामला चल रहा है। अब राज्य सरकार ने 120 करोड़ रुपए से अधिक की राशि तय कर दी है। इधर निगम ने भी इस पर सैद्धांतिक सहमति दे दी है। उम्मीद करते हैं कि वायुसेना जल्द हमें यह राशि देगी। निगम बदले में 69 एकड़ जमीन दे देगा।
घनश्याम औझा, महापौर, जोधपुर
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