मौसेरे भाई व साथी को पकड़ा तो मुख्य आरोपी पहुंचा थाने

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जोधपुर.
बीकानेर-अहमदाबाद के बीच संचालित होने वाली स्लीपर बस पर फायर व हमले कर कांच फोडऩे के मामले में डेढ़ महीने से वांछित मुख्य आरोपी और उसके दो साथियों को पुलिस ने आखिरकार मंगलवार को गिरफ्तार किया। मौसेरे भाई के साथ ही एक सहयोगी से जांच शुरू करते ही मुख्य आरोपी ने पुलिस के समक्ष समर्पण कर दिया। मुख्य आरोपी व एक सहयोगी को उदयमंदिर थाना पुलिस ने बापर्दा और तीसरे आरोपी को शास्त्रीनगर थाना पुलिस ने गिरफ्त में लिया है।
पुलिस कमिश्नर बीजू जॉर्ज जोसफ ने बताया कि प्रकरण में लोहावट थानान्तर्गत भेड़ गांव निवासी प्रेमसिंह व उसके साथी वांछित थे। संभावित ठिकानों पर दबिश और परिजन पर दबाव डाला गया। अलग-अलग जगहों पर तलाशी के बाद मंगलवार को प्रेमसिंह पुत्र खुमानसिंह व ओसियां थानान्तर्गत बैठवासिया गांव निवासी छैलसिंह पुत्र शेरसिंह को गत १५ जनवरी की मध्यरात्रि बस पर फायर व तोड़-फोड़ के मामले में उदयमंदिर थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इनसे हथियार बरामदगी के प्रयास किए जा रहे हैं।
जबकि मूलत: कल्याणपुर (बाड़मेर) थानान्तर्गत डोली अराबा हाल सांगरिया में अमरावती नगर निवासी रमेश बिश्नोई (२३) पुत्र मेकाराम खिलेरी को शास्त्रीनगर थाना पुलिस ने गत २ दिसम्बर की देर रात न्यू कैम्पस के बाहर बस पर हमले के आरोप में गिरफ्तार किया गया।
एक आरोपी ने गोली चलाई थी, दूसरे ने कांच फोड़े
जांच में सामने आया कि गत १५ जनवरी की मध्यरात्रि बारह बजे केएन कॉलेज चौराहे पर बोलेरो कैम्पर से बस रोकने के बाद छैलसिंह ने बस पर गोली चलाई थी। प्रेमसिंह ने सरिए से कांच फोड़े थे। जबकि कंवराजसिंह बोलेरो कैम्पर में बैठा था।
पुलिस कमिश्नर ने माना, पहले ही पकड़े जाने चाहिए थे
वारदात का खुलासा करने के दौरान पत्रकार वार्ता में पुलिस कमिश्नर बीजू जॉर्ज जोसफ ने माना कि गत दो दिसम्बर की रात बस पर तोड़-फोड़ के बाद बदमाशों को गिरफ्तार करने में देरी हुई। यदि समय रहते उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाता तो बाद की वारदातें नहीं होतीं। हालांकि इसके लिए उन्होंने बदमाशों की पहचान न होने व पकड़ में आने को जिम्मेदार ठहराया।
मौसेरे भाई व साथियों को पकड़ा तो पहुंचा थाने
पुलिस का कहना है कि प्रेमसिंह मौसेरे भाई के नाम की सिम काम ले रहा था। वारदात के बाद उसका मोबाइल स्विच ऑफ था। पुलिस ने मौसेरे भाई को पकडक़र जांच शुरू की। फिर उसके दो-तीन और साथियों को पकडक़र थाने लाए। परिजन व मित्रों के मार्फत दबाव पड़ता देख मुख्य आरोपी प्रेमसिंह भी थाने पहुंच गया व समर्पण किया। अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (पश्चिम) अनंत कुमार व एसीपी (पश्चिम) कमलसिंह के नेतृत्व में एसआई जसराज, हरीशचन्द्र व अनिल, हेड कांस्टेबल जमशेद खान, नरसिंहराम, महेन्द्र, स्वरूपराम, अविनाश, प्रेम, दौलाराम व जितेन्द्रसिंह कार्रवाई में शामिल थे।
सीट नहीं देने व तकरार को लेकर थी रंजिश
पुलिस का कहना है कि करीब डेढ़ दो माह पहले प्रेमसिंह भेड़ बीकानेर से अहमदाबाद संचालित होने वाली महाराजा ट्रैवल्स की बस में सवार हुआ था, लेकिन यात्री अधिक होने से उसे सीट नहीं मिल पाई थी। उसने कंडक्टर से सीट देने का आग्रह किया था। इस बात को लेकर दोनों में तकरार व धक्का-मुक्की हुई थी। कथित रूप से कंडक्टर ने उसे थप्पड़ मार दी थी। इसको लेकर प्रेमसिंह रंजिश पाले हुए था।
चार मामलों में है वांछित
केस : १
दो दिसम्बर : बीकानेर से अहमदाबाद जा रही स्लीपर बस पर जेएनवीयू न्यू कैम्पस के पास रोका गया था। कार में सवार आरोपियों ने बस के कांच फोड़ डाले थे। इस संबंध में शास्त्रीनगर थाने में मामला दर्ज कराया गया था, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की थी। पाली रोड पर मोगड़ा के पास भी बस रोककर तोड़-फोड़ की गई थी, लेकिन इस संबंध में कोई मामला दर्ज नहीं कराया गया था।
केस : २
१५ जनवरी : मकान पर कब्जे को लेकर चल रहे विवाद में प्रेमसिंह ने साथियों के साथ मिलकर मण्डोर थानान्तर्गत मघजी की घाटी में मघसिंह पर लाठी-सरिए व तलवारों से हमला किया था। मघसिंह की तरफ से प्रेमसिंह, कंवराजसिंह, डूंगरसिंह व अन्य के खिलाफ जानलेवा हमले का मामला दर्ज किया गया था।
केस : ३
१५ जनवरी : बीकानेर से अहमदाबाद जा रही स्लीपर बस को बोलेरो कैम्पर में सवार बदमाशों ने केएन कॉलेज चौराहे के पास रोका था। मुख्य आरोपी प्रेम सिंह ने लोहे के सरिए से कांच फोड़े थे। जबकि छैलसिंह ने बस पर फायर किया था। कंवराजसिंह कैम्पर में ही बैठा रहा था।
केस : ४
२० जनवरी : बीकानेर से अहमदाबाद जा रही स्लीपर बस को भगत की कोठी में पीली टंकी के पास बिजलीघर के सामने रोककर लोहे के पाइप व हॉकी से हमला कर कांच फोड़ दिए गए थे। दो बाइक पर सवार छह युवकों ने चालक से बस की चाबी और रुपए लूट लिए थे। हमलावरों ने बस के अंदर घुसकर तोड़-फोड़ की थी। कांच लगने से अहमदाबाद निवासी आकाश के सिर में चोट आई थी। इन हमलावरों की पहचान नहीं हो पाई है, लेकिन इनका संबंध भी प्रेमसिंह से होने की आशंका है। शास्त्रीनगर थाने में लूट व तोडफ़ोड़ का मामला दर्ज है।



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