नशे से भी खतरनाक पबजी गेम.. गुजरात के बाद राजस्थान में भी प्रतिबंध की मांग, जानिए क्या है वजह

पोस्ट पसंद आये तो लाइक जरुर करे ?

जोधपुर.
यदि आप या आपके बच्चे ऑनलाइन पबजी गेम (pubg game) खेल रहे हैं तो सावधान! चिकित्सकों का कहना है कि ज्यादा समय यह गेम खेलने वाले की याद्दाश्त खो सकती है या पागलपन का शिकार हो सकते हैं। वर्तमान में स्कूली बच्चों और युवाओं में पबजी गेम काफी लोकप्रिय हो रहा है। जिन्हें इसकी लत लग जाती है वे दिन हो या रात, गेम खेलने में व्यस्त रहते हैं। इससे खेलने वाले का शारीरिक और मानसिक विकास प्रभावित हो रहा है। हाल ही में गुजरात में इस गेम पर प्रतिबंध लगा दिया है। राजस्थान में भी इस गेम पर प्रतिबंध की मांग जोर पकडऩे लगी है।

क्या है पबजी गेम
यह गेम 2017 में माइक्रोसॉफ्ट विंडोज के लिए लॉन्च किया गया था। यह इतना लोकप्रिय हुआ कि इसे एंड्रॉयड और आइओएस पर भी लॉन्च करना पड़ा। यह मल्टीप्लेयर गेम है। इसमें अन्य खिलाडि़यों को मारना पड़ता है। इसे खेलने वाला अपनी टीम के साथ आइलैंड में उतरता है और उसे वहां छिपे अन्य खिलाडि़यों को मारना होता है। जो अंत में जीवित बचता है, वही विजेता बनता है।

स्मरण शक्ति खोने का खतरा
‘यह गेम खेलने वाले बच्चे चिड़चिड़े हो जाते हैं और अलग-थलग रहने लगते हैं। एेसा इसलिए होता है कि गेम खेलते समय डोपामिन नाम का न्यूरोकेमिकल श्रावित होता है। नशा करने वालों के दिमाग में भी यही न्यूरोकेमिकल श्रावित होता है। इससे स्मरण शक्ति खोने के साथ ही पागलपन के दौरे भी पड़ सकते हैं।
-डॉ सुरेंद्र कुमार, सहायक आचार्य, मानसिक रोग विभाग, एमडीएम अस्पताल

स्मार्टफोन से दूर रखें बच्चों को
‘बच्चों को स्मार्टफोन नहीं दें। यदि जरूरी भी है तो नियमित जांच करते रहें की बच्चा फोन में क्या गेम खेल रहा है। बच्चे को एेसे गेम की लत से बचाने के लिए माता-पिता का जागरूक होना आवश्यक है।
-डॉ घनश्याम दास कूलवाल, विभागाध्यक्ष मानसिक रोग विभाग, एमडीएम अस्पताल

‘सरकार को जल्द से जल्द इस गेम पर प्रतिबंध लगाना चाहिए। इसके लिए सख्त कानून बनाया जाना आवश्यक है। जिससे बच्चों को इनके दुष्प्रभाव से बचाया जा सके।
नरेंद्र सिंह, अभिभावक

‘जब गुजरात में सरकार की ओर से इस गेम पर प्रतिबंध लगा दिया गया तो राजस्थान में क्यों नहीं। सरकार को जल्द से जल्द एक्शन लेना चाहिए। जिससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित नहीं हो।
-जितेंद्र राठौड़, अभिभावक

 



from Patrika : India's Leading Hindi News Portal http://bit.ly/2MCKIyZ
Share on Google Plus

About Atul

This is a short description in the author block about the author. You edit it by entering text in the "Biographical Info" field in the user admin panel.

0 comments:

Post a Comment