जोधपुर.
चुनाव जीतने के बाद पहली बार विधानसभा क्षेत्र पहुंचने पर स्वागत के दौरान ओसियां विधायक दिव्या मदेरणा के पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों को आड़े हाथों लेते हुए तेवर दिखाने का वीडियो शुक्रवार को सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। वीडियो में क्षेत्र के उम्मेद नगर इलाके में गुरुवार को स्वागत कार्यक्रम के दौरान एसडीएम के नजर नहीं आने पर विधायक दिव्या नाराज होती नजर आ रही हैं। कुछ देर तक इंतजार के बाद एसडीएम वहां पहुंचे। तब कार में बैठे-बैठे दिव्या मदेरणा ने नदारद होने पर एसडीएम के प्रति गुस्सा जताया। फिर दिव्या ने कहा, ‘एेसा है, मैं एक बात बताऊ, जोधपुर जिले में और राजस्थान में, सर्वप्रथम तो है मुख्यमंत्री और फिर जोधपुर में हम हैं। मुख्यमंत्री के पास जाओ तब मेरी समझ आए कि अर्जेंट काम आ गया इसलिए आप गए। ओसियां में विधायक यहां पर हैं। आप पता नहीं कौन सा अर्जेंट काम करने गए थे। अभी तो मैं आपको कहकर आई थी कि व्यवस्था सुधारें। आई विल नॉट टॉलरेट दिस मिस्टर। आप मुझे ढूंढिए, मैं प्रशासन को ढूंढने नहीं जाऊंगी।’
शासन की गन है मेरे पास
उम्मेद नगर में ही स्वागत के दौरान विधायक दिव्या ने मथानिया थानाधिकारी राजेन्द्र सिंह राजपुरोहित को आड़े हाथों लिया और कहा, ओसियां की जनता का जाब्ता चलता है मेरे साथ। पुलिस जाब्ते की मोहताज नहीं हूं मैं। सभी ने गनमैन ले लिए। जनता ने जीताकर भेजा है। गनें हैं मेरे पास। शासन की गन है मेरे पास। आपकी गन थोड़े ही है।’
इसके बाद दिव्या ने थानाधिकारी से कहा, ‘आपके दो-तीन जगह बड़ी शिकायतें हैं। तिंवरी फांटा व मथानिया फांटा पर। चालान कर रहे हैं। जुड़ में उम्मेद नगर बाइपास पर १५-२० आदमियों की गैंग हैं, जहां से रात को कोई जाना नहीं चाहता है।’
थानाधिकारी ने कहा कि वो क्षेत्र उनके क्षेत्राधिकार का नहीं है। तब दिव्या ने कहा, ‘आप अपने डीसीपी से कहिए। आपके यहां की नीचे की व्यवस्था है ना। जितनी भी चौकियां लग रही हैं, कांस्टेबल लग रहे हैं। यह सब सुचारू कर देना। यहां खड़े होकर नोट मांगने का सिस्टम बंद कर देना।’
जवाब में थानाधिकारी ने कहा, ‘यदि कोई रुपए लेता है तो वो संबंधित को शिकायत कर सकता है। हमारे लेवल पर है तो आप मुझे बताइए।’
इसके बाद दिव्या ने कहा, ‘आप अपने अधिकारियों को बुलाकर मीटिंग ले लीजिए। कहीं भी गड़बड़ है तो कह दीजिए, अब अलर्ट हो जाइए। गवर्नमेंट हेज चेंज्ड एण्ड एमएलए हेज चेंज्ड। वर्र्किंग की जो स्टाइल थी ना ढिलमढिलु, वो बदल दीजिए।’ इतना कहकर विधायक दिव्या अपनी मां लीला मदेरणा के साथ कार में बैठकर रवाना हो गईं।
विधायक के निर्देशों के संबंध में थानाधिकारी राजेन्द्र सिंह राजपुरोहित का कहना है कि नियम तोडऩे वालों के चालान करना नियम के तहत सरकारी कार्य है। यदि कोई शिकायत है तो वो संबंधित को शिकायत कर सकता है।
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