नंदकिशोर सारस्वत/जोधपुर. छोटे पर्दे पर प्रसारित द कपिल शर्मा शो फेम टीवी एक्टर हास्य अभिनेता कीकू शारड़ा ने कहा कि हास्य के लिए फूहड़ता या डबल मिनिंग के वे सख्त खिलाफ है। सोमवार को जोधपुर प्रवास पर आए कीकू ने राजस्थान पत्रिका से विशेष बातचीत में कहा कि मैं जिस शो में काम करता हूं वहां हम कोशिश करते है फूहड़ता या वल्गर बातें ना हो। आठ से अस्सी साल के बुजुर्ग एक साथ बैठकर हमारा शो देख सके इसका पूरा ख्याल रखा जाता है। किसी और टीवी शो में हास्य के लिए फूहड़ता होती है तो यह उनकी सोंच है। कीकू ने कहा कि फिल्म निर्माण और निर्देशन का पूरा ईरादा है लेकिन एक साल के बाद कपिल का शो शुरू हुआ है तो फिलहाल मेरा फोकस केवल कपिल के कॉमेडी शो पर ही है। शो के साथ पहले कुछ नेगेटीविटी जुड़ी थी । हम चाहते है इसकी नेगेटीविटी दूर हो।
वेब सीरीज का है इरादा
वेब की दुनिया बढ़ रही है। वेब सीरिज का ईरादा है। कादरखान के आकस्मिक निधन पर कीकू ने कहा वे उनके बड़े प्रशंसक होने के साथ सारी फिल्में कई बार देखी है। मल्टी टैलेन्ट कादर खान का चले जाना फिल्म इंडस्ट्री के लिए बहुत बड़ा नुकसान है। बच्चा यादव और कीकू में समानता के बारे में कहा कि बच्चा यादव शरीर से मोटा है फिर भी आत्मविश्वास से भरा है। जॉक्स के पिटारा लेकर घूमता है। लेकिन पर्सनल लाइफ में लोगों से ज्यादा बातें नहीं करता हूं। कपिल के साथी कलाकारों के साथ व्यवहार के बारे में कीकू ने कहा कि कपिल बेहतर इंसान है। कलाकारों के साथ उनका पूरा सहयोग रहता है। सुनिल ग्रोवर के साथ जरूर एक बार कुछ गलतफहमी जरूर हुई लेकिन गलतफहमी भी जल्द ही वो दूर भी हो गई। सुनिल प्रतिभाशाली कलाकार है। मुझे लोगों की निजी जिंदगी में झांकना बिलकुल भी पसंद नहीं है।
अयोजन के भव्य होने की कल्पना नहीं थी
जोधपुर में माहेश्वरी अधिवेशन में शिरकत करने आए कीकू ने कहा कि मुझे इतने भव्य आयोजन की कल्पना तक नहीं थी। समाज देश विदेश में इतना फैला हुआ मुझे यहां आकर पता चला। कीकू ने कहा कि मेरी ख्वाहिश है कि नॉन कॉमिक काम करूं लेकिन अभी तक बड़ा मौका नहीं मिला है। मेरे आदर्श परेश रावल और बोमन ईरानी है जो कॉमेडी के साथ दूसरे रोल में भी पूरा न्याय करते हैं।
जोधपुर के बारे में
कपिल शर्मा शो में पलक, लच्छा, पंखुरी और बच्चा यादव के किरदार के रूप में घर घर में लोकप्रिय हो चुके कीकू ने कहा कि मेरा जन्म जोधपुर में ही हुआ है। परिवार के साथ कई बार आता रहा हूं। मेरे रिश्तेदार जोधपुर में ही रहते है। जोधपुर जब भी आता हूं तो सिर्फ खाने के बारे में ही बात करता हूं। खाने का शौक मुझे है। रबड़ी के घेवर, दाल बाटी चूरमा और गट्टे की सब्जी मुझे बेहद पसंद है। जोधपुरवासी शौक से खाते भी है और खिलाते भी है। गट्टे की सब्जी तो सप्ताह में एक बार जरूर मेरे घर में बनती है।
from Patrika : India's Leading Hindi News Portal http://bit.ly/2RkhGdq
0 comments:
Post a Comment