जोधपुर. शहर के रावण चबूतरा मैदान में आयोजित हुए पश्चिमी राजस्थान उद्योग हस्तशिल्प मेले के उद्घाटन और समापन सत्र में भाजपा के किसी भी जनप्रतिनिधि को नहीं बुलाने पर भाजपा नेताओं ने नाराजगी जाहिर की है। महापौर घनश्याम ओझा ने बताया कि जिला प्रशासन, जिला उद्योग केंद्र और अन्य संस्थाओं के तत्वावधान में दस दिन चले मेले में राज्य के विभिन्न मंत्रियों को बुलाया गया, लेकिन किसी कार्यक्रम में भाजपा जनप्रतिनिधि को आमंत्रित नहीं किया गया। जबकि नगर निगम भी इसमें सहयोगी था। निगम ने पूर्व में रावण चबूतरा मैदान निजी फ र्म को किराए पर दे रखा था, लेकिन मेले को देखते हुए उसे निरस्त कर जिला उद्योग केंद्र को अलॉट किया। इसके बावजूद न विधायक सूर्यकांता व्यास को आमंत्रित किया गया और ना ही शहर के प्रथम नागरिक को। महापौर ने जिला कलक्टर को लिखे पत्र में कहा कि चुनाव जीतने के बाद जनप्रतिनिधि किसी पार्टी विशेष का नहीं होकर शहर का प्रतिनिधि होता है। उन्होंने इस संबंध में जांच करवा कर दोषी अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई करने की मांग की है।
फिर मिलने के वादे के साथ हस्तशिल्प मेले का समापन
रावण का चबूतरा मैदान में चल रहे पश्चिमी राजस्थान उद्योग हस्तशिल्प मेला उत्सव-2019 का समापन रविवार शाम को हुआ। समापन के दिन शहर के लोगों ने मेले में लगी विभिन्न स्टॉलों से जमकर खरीदारी की। समापन समारोह में मुख्य अतिथि राज्य के कृषि मंत्री लालचंद कटारिया ने कहा कि इस तरह के आयोजन समाज के लिए एक मिसाल हैं। इससे पूर्व मेला संयोजक सुनील परिहार ने मेले में आने वाले सभी अतिथियों और लोगों को धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम में सहप्रभारी सत्येंद्र भारद्वाज, डीआइसी अध्यक्ष सीताराम पूनिया, सुरेश व्यास, जेएनवीयू छात्रसंघ अध्यक्ष सुनील चौधरी, रमेश बोराणा, एमआइए के पूर्व अध्यक्ष कमल मेहता, एसके शर्मा, उमेश लीला, उपेंद्र भंसाली, पीसीसी मेम्बर श्रवण पटेल, कैलाश नारायण कंसारा, नरेंद्र छाजेड़, सुनील मोहनोत भी उपस्थित थे। अतिथियों ने फिर मिलने के वादे के साथ मेले के विधिवत समापन की घोषणा की। मेले में शहर के लोगों ने अंतिम दिन जमकर खरीदारी की। अधिकांश स्टॉलों के संचालक अंतिम क्षणों में दामों में रियायत देकर सामान बेच रहे थे।
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