थारपारकर गायों की संख्या बढ़ाने की कवायद

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सेतरावा (जोधपुर). राजस्थान पशुधन विकास बोर्ड जयपुर के द्वारा गौ वंश में थारपारकर नस्ल को बढ़ावा दिया जा रहा है।

 

सेतरावा उपतहसील क्षेत्र के चौरडिय़ा गांव में शनिवार को आरएलडीबी जयपुर के सौजन्य से थारपारकर नस्ल की बछड़ा पर प्रतियोगिता हुई। प्रतियोगिता में 18 बछड़ा बछड़ी लेकर पशुपालक आए। जिनमें प्रथम, द्वितीय व तृतीय आने वाली बछड़ा व बछडी को पारितोषिक प्रदान किया। तीनों स्थानों पर थार नस्ल में उन्नत बछड़ा बछड़ी ने कब्जा जमाया।


थार प्रोजेक्ट के कोऑर्डिनेटर डॉ सतीश आसोपा ने गौ वंश में थारपारकर नस्ल की दुग्ध क्षमता, रोग प्रतिरोधक क्षमता आदि विशेषताओं की जानकारी देते हुए कहा कि थारपारकर नस्ल की गायों की देश में अधिक मांग है। वही पशुपालकों से शत प्रतिशत कृत्रिम गर्भाधान करवाने को कहा। वही पशुधन सहायक देवाराम चौधरी ने थार प्रोजेक्ट की जानकारी दी।

 

चौरडिया ग्राम पंचायत परिसर में हुई थारपारकर प्रोजेक्ट की बछड़ा प्रतियोगिता में प्रथम देवाराम खिंयासरिया को 3100, द्वितीय अर्जुनसिंह खिंयासरियां को 2100, तृतीय चन्दनसिंह प्रतापगढ़ के 1100, वही बछड़ी प्रतियोगिता में प्रथम विजयसिंह 3100, द्वितीय शैतानसिंह प्रतापगढ़ 2100, तृतीय रावलराम जाट को 1100 रुपए दिए। वही शेष भाग लेने वाले पशुपालकों को 500-500 रुपए की प्रोत्साहन राशि दी गई। इस दौरान आरएलडीबी के वरिष्ठ चिकित्सा सहायक सुरेश कुमार, पशुधन सहायक देवाराम चौधरी, कम्पयुटर ऑपरेटर ललितसिंह, सुपरवाइजर दुधाराम, संजय शर्मा आदि पशुपालक मौजूद रहे।

 


50 पशुपालकों को प्रशिक्षण

अटल सेवा केन्द्र चौरडिय़ा में प्रगितिशील 50 पशुपालकों को आरएलडीबी जयपुर के तत्वावधान में एक दिवसीय थारपारकार नस्ल का प्रशिक्षण देकर फिल्म प्रदर्शनी से जानकारी दी। वही सभी पशुपालकों को एक-एक किलो खनिज लवण वितरण किया।



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