फलोदी. जोधपुर जिले की जीवन रेखा कही जाने वाली जोधपुर लिफ्ट कैनाल में जलापूर्ति करने वाली मुख्य नहर इंदिरा गांधी कैनाल में क्लोजर से पूर्व जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारियों ने सुचारू जलापूर्ति के लिए कमर कस ली है। अब पीएचईडी कैनाल की क्षमता व जल भण्डारण की क्षमता बढ़़ाने के लिए रूपरेखा बनाने में जुटा है।
अधिकारियों ने किया कैनाल का निरीक्षण
जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के मुख्य अभियंता जयसिंह चौधरी, अधीक्षण अभियंता निर्मलङ्क्षसह कच्छवाहा, नक्षत्रसिंह चारण, परियोजना खण्ड के अधीशासी अभियंता रविन्द्र चौधरी, मोतीलाल, सहायक अभियंता श्यामसिंह चौहान, जीसीकेसी के भगवानदास पुरोहित आदि की टीम ने राजीव गांधी लिफ्ट कैनाल के ० आरडी, ३ से ५.५ आरडी,१०.७ से ११.१ आरडी व ५२-६० आरडी आदि जगहों पर नहर का निरीक्षण कर नहर में आवश्यक स्थानों पर किए जाने वाले कार्यों पर चर्चा की तथा नहर की क्षमता को बढ़ाने के लिए रूपरेखा बनाई। इस दौरान ० आरडी के निकट जल भण्डारण के लिए डिग्गी बनाने को तैयार किए गए एस्टीमेट में डिग्गी के लिए स्थान निर्धारित करने पर भी चर्चा की गई। साथ ही कैनाल के निकट कुछ स्थानों पर दीवार की ऊंचाई बढ़ाने व पास की जमीन के समतलीकरण कार्य का भी निरीक्षण किया। निरीक्षण के बाद अधिकारियों ने मोहरां स्थित पम्पिंग स्टेशन संख्या ५ का निरीक्षण कर वहां पंप, साफ-सफाई आदि का निरीक्षण किया। मार्च में हो सकता है क्लोजर-
पीएचईडी के अनुसार जोधपुर लिफ्ट कैनाल में जलापूर्ति करने वाली इंदिरा गांधी मुख्य नहर में आगामी मार्च के अंतिम सप्ताह में क्लोजर शुरू हो सकता है, हालांकि अब तक पंजाब सरकार द्वारा मुख्य नहर में क्लोजर को लेकर कोई तारीख निर्धारित नहीं की है। एेसे में जोधपुर लिफ्ट कैनाल से जुड़े जोधपुर, बाड़मेर व जैसलमेर जिलों के गांव व शहरों की करीब ४२ लाख की आबादी के लिए जलापूर्ति व्यवस्थाएं सुचारू रखने को लेकर विभाग ने नहरबंदी से पूर्व ही आवश्यकतानुसार जल भण्डारण की रूपरेखा बनाना शुरू कर दिया है।
५ दिन जीवन रेखा रहेगी सूखी -
पीएचईडी के अनुसार मुख्य नहर में क्जोजर के बाद जोधपुर लिफ्ट कैनाल को मुख्य नहर की पॉडिंग से पानी मिलता रहेगा तथा अंतिम पांच दिन जोधपुर लिफ्ट कैनाल सूखी रहेगी। इस दौरान कैनाल में सफाई व मरम्मत का किया जाएगा।
इन्होंने कहा
मुख्य नहर में क्लोजर से पहले जोधपुर लिफ्ट कैनाल का निरीक्षण किया है। कैनाल की क्षमता बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे है। वर्तमान में कैनाल में २७० क्यूबिक फीट प्रति सैकण्ड का बहाव है, जबकि दो साल पूर्व १९५ क्यूसेक था। जल भण्डारण क्षमता बढ़ाने को लेकर प्लानिंग की है। मुख्य नहर में मार्च के अंतिम सप्ताह में क्जोजर हो सकता है। क्लोजर कितने दिनों का होगा? यह पंजाब सरकार द्वारा नोटिफिकेशन जारी होने के बाद ही पता चलेगा।
जयसिंह चौधरी, मुख्य अभियंता, पीएचईडी, जोधपुर
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