Home
Dainik Bhaskar
Slider
ताज़ा खबर
बीमार पिता के गले लगकर वो बोली- पापा! मुझे आप ही विदा करना, नियति ने खेला ऐसा खेल-विदाई के दिन पिता की मौत; लाडो की खुशियां देख भाइयों ने बंद रखा मुंह, रिसेप्शन में भी शामिल हुए लेकिन...
बीमार पिता के गले लगकर वो बोली- पापा! मुझे आप ही विदा करना, नियति ने खेला ऐसा खेल-विदाई के दिन पिता की मौत; लाडो की खुशियां देख भाइयों ने बंद रखा मुंह, रिसेप्शन में भी शामिल हुए लेकिन...
This is a short description in the author block about the author. You edit it by entering text in the "Biographical Info" field in the user admin panel.
0 comments:
Post a Comment