बाप. गांवों के स्र्वांगीण विकास के लिए केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा करवाए जाने वाले विभिन्न विकास कार्यों में ठेकेदार संबंधित विभागीय अधिकारियों से मिलीभगत कर किस कदर घटिया निर्माण सामग्री का उपयोग कर रहे है, इसकी एक बानगी कुछ माह पूर्व प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत धोलिया से टेकरा तक बनी डामर सड़क में देखने को मिल रही है। जानकारी के अनुसार इस डामर सड़क के निर्माण पर करीब ३.८४ करोड़ रुपए खर्च हुए थे। इसकी कार्यकारी एजेंसी सार्वजनिक निर्माण विभागी थी तथा संवेदक मैसर्स अनोपाराम गोदारा को सड़क निर्माण का ठेका दिया गया था।
महत्वपूर्ण है सड़क
सनद रहे यह सड़क बहुत महत्वपूर्ण है। धोलिया से टेकरा जाने के लिए पूर्व में कच्चा रास्ता ही था। यदि सड़क मार्ग से ग्रामीणों को जाना होता था तो उन्हें बारू होते हुए लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी। धोलिया सरहद में सड़क की साइड पटरियों पर करीब एक दर्जन विद्युत पोल लगे हुए है। यह पोल हर पल हादसे को निमंत्रण दे रहे है।
सुविधा की जगह हुई दुविधा
धोलिया से टेकरा तक करीब १३.५ किमी डामर सड़क का निर्माण पूर्ण होने के बाद ग्रामीणों सहित वाहन चालकों को यह आस बंधी थी कि अब उनकी राह आसान होगी, लेकिन ऐसा नही हुआ। निर्माण के कुछ समय बाद ही सड़क जगह-जगह से उखडऩे लगी। ग्रामीणों का आरोप है कि ठेकेदार ने सड़क बनाने में घटिया सामग्री का उपयोग किया। अब सड़क उखडऩे से वाहन चालकों को परेशानी हो रही है।
दिया ज्ञापन
धोलिया के ग्रामीणों ने मंगलवार को यहां उपखण्ड अधिकारी को ज्ञापन दिया। ज्ञापन में इस मामले की जाँच करवाकर टूटी सड़क की मरम्मत करने के लिए ठेकेदार को पाबंद करने की मांग की है।
इन्होंने कहा
इस मामले की जांच करवा ली जाएगी। यदि सड़क निर्माण में घटिया सामग्री का उपयोग हुआ है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। -सुखाराम पिण्डेल,
उपखण्ड अधिकारी बाप।
इस सड़क का निर्माण पूर्ण नही करवाया गया है। टेकरा सरहद में ठेकेदार द्वारा करीब 300 मीटर सड़क का निर्माण अधुरा छोड़ दिया गया। ठेकेदार से कई बार सड़क का निर्माण पूर्ण करवाने की मांग की गई, लेकिन उन्होने आज तक कार्य पूर्ण नही करवाया। - शैतानसिंह भाटी, सरपंच प्रतिनिधि, ग्राम पंचायत टेकरा।
from Patrika : India's Leading Hindi News Portal http://bit.ly/2RANdrv
0 comments:
Post a Comment