गजेंद्र दहिया/जोधपुर. दिल्ली में राजपथ पर होने वाली गणतंत्र दिवस परेड में इस बार 37 एयरक्राफ्ट भाग लेंगे, जिसमें से 33 एयरफोर्स के और चार आर्मी के हेलीकॉप्टर रहेंगे। जोधपुर एयरबेस से सुखोई-30 एमकेआइ राजपथ परेड के लिए उड़ान भरेंगे। राजपथ पर सबसे अंत में अकेला सुखोई विमान चाली मैनुवर में अतिथियों के सामने प्रदर्शन करेगा। बीकानेर स्थित नाल स्टेशन से मिग-29 जाएंगे। सभी विमान 26 जनवरी की सुबह दिल्ली के बाहर आसमान में होल्डिंग एरिया में अपनी बारी का इंतजार करेंगे।
फ्लाई पास्ट दो फेज में होगा। पहला फेज परेड के साथ शुरू होगा। इसमें चार एमआइ-17 वी-5 हेलीकॉप्टर वाई फॉरमेशन और वाइनग्लास फॉर्मेशन में राजपथ के ऊपर से गुजरेंगे। तीन हेलीकॉप्टर के साथ तीनों सेनाओं का झंडा और एक अन्य के साथ तिरंगा रहेगा। इसके बाद आर्मी के 4 रुद्र हेलीकॉप्टर धु्रव फॉर्मेशन में आएंगे। ग्राउण्ड परेड के बाद दूसरा फेज शुरू होगा जो डेयरडेविल डिस्पले कहलाएगा।
दूसरे फेज में फ्लाई पास्ट का क्रम
- 3 एएलएच हेलीकॉप्टर वीआइसी फॉर्मेशन में आएंगे
- 3 सी-130जे सुपर हरक्यूलिस भी वीआइसी फॉर्मेशन में आएंगे
- 3 एएन-32 ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट सतलज फॉर्मेशन में, इसको लीड बायोफ्यूल चालित विमान करेगा
- 2 सुखोई-30एमकेआइ विमान अवाक्स नेत्र विमान के साथ आएंगे
- 2 सुखोई-30 विमान सी-17 ग्लोबमास्टर के साथ ग्लोब फॉर्मेशन में उड़ान भरेंगे
- 5 जगुआर विमान एरोहैड फॉर्मेशन में राजपथ के ऊपर से गुजरेंगे
- 5 मिग-29 विमान एरोहैड फॉर्मेशन में
- 3 सुखोई-30 विमान त्रिशूल मैनुवर में आएंगे
- 1 सुखोई-30 चार्ली मैनुवर में प्रदर्शन करेगाकितने एयरक्राफ्ट
- 5 जगुआर
- 5 मिग-29 विमान
- 3 सुखोई-30 विमान
- 1 सी-17 ग्लोबमास्टर
- 3 सी-17जे हक्र्यूलिस
- 3 एएन-32 ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट
- 1 राडार प्रणाली युक्त नेत्र विमान
- 7 रुद्र हेलीकॉप्टर
- 4 एमआइ-17 हेलीकॉप्टर
राजपथ पर फ्लाई पास्ट एक नजर में
- 37 एयरक्राफ्ट इस बार करेंगे प्रदर्शन
- 4 हेलीकॉप्टर आर्मी के होंगे
- 18 फाइटर प्लेन
- 8 ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट
- 11 हेलीकॉप्टर
- 60 मीटर न्यूनतम दूरी होगी जमीन से एयरक्राफ्ट की
- 300 मीटर अधिकतम दूरी होगी जमीन से एयरक्राफ्ट की
दिल्ली के बाहरी इलाके में विमानों की होल्डिंग
वायुसेना ने एयर रिहर्सल के लिए दिल्ली के बाहर एक बड़ा होल्डिंग पॉइंट बनाया है। जहां सभी 37 एयरक्राफ्ट चक्कर लगाते हुए राजपथ पर अपनी बारी का इंतजार करेंगे। ये एयरक्राफ्ट 100 फीट से लेकर 10 हजार फीट की ऊंचाई तक मौजूद रहेंगे। होल्डिंग पॉइंट एक तरह से अण्डाकार घेरा है जिसमें विभिन्न ऊंचाई की कक्षाएं है। इन कक्षाओं में एयरक्राफ्ट चक्कर लगाते रहेंगे।
from Patrika : India's Leading Hindi News Portal http://bit.ly/2VTPxIy
0 comments:
Post a Comment