जोधपुर.
प्रदेश के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के गृह क्षेत्र जोधपुर में वर्ष 2018 के दिसम्बर माह से भयानक बने स्वाइन फ्लू ने नए साल 2019 के दूसरे दिन एक और महिला मरीज की जान ले ली। साथ ही 22 नए मरीजों की रिपोर्ट स्वाइन फ्लू पॉजीटिव आई है। इनमें 14 महिला व 8 पुरुष मरीज हैं। इधर मरीजों की इलाज में जुटे दो फिमेल नर्स समेत चार स्टाफकर्मी भी स्वाइन फ्लू की चपेट में आ गए। रिपोर्ट पॉजीटिव आने पर उनका इलाज शुरू किया गया है।
जानकारी के अनुसार जोधपुर शहर के मदेरणा कॉलोनी निवासी 49 वर्षीय संतोष को खांसी जुकाम व बुखार होने पर 1 जनवरी को दोपहर पौने दो बजे महात्मा गांधी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। स्थिति गंभीर होने पर उसे एमडीएम रेफर किया गया। जहां उसे वेंटीलेटर पर रखा गया। बुधवार रात 7.40 बजे संतोष की मृत्यु हो गई। संतोष की रिपोर्ट स्वाइन फ्लू पॉजीटिव आई।
मेडिकल कॉलेज की माइक्रोबायलॉजी लैब की रिपोर्ट के अनुसार बुधवार को 42 सैम्पलों की जांच की गई, जिसमें 22 मरीजों की रिपोर्ट पॉजीटिव आई। इनमें मदेरणा कॉलोनी निवासी 49 वर्षीय महिला, शेरगढ़ निवासी दो महिला महिलाएं, बोरानाडा से पुरूष, चांदपोल से पुरूष, सिवाणा बाड़मेर से पुरूष, पोकरण जैसलमेर से पुरूष, धारच खारू जोधपुर से महिला, पचपदरा बाड़मेर से महिला, अमरबाग जोधपुर से दो महिलाएं, हनुंवत नगर बीजेएस से महिला, कड़ीनगर पाली से 32वर्षीय महिला, केशव नगर पाली से 25 वर्षीय महिला, केशव नगर पाली से 28 वर्षीय युवक व 24 वर्षीय महिला, भदवासिया जोधपुर से 62 वर्षीय महिला, शिप हाउस जोधपुर से 60 वर्षीय महिला, जोधपुर शहर से 45 वर्षीय महिला, कुड़ी हाउसिंग बोर्ड जोधपुर से 58 वर्षीय पुरूष, भवाड़ी जोधपुर से 11 वर्षीय बालक व पीडब्ल्यूडी कॉलोनी जोधपुर से 79 वर्षीय बुर्जुग की रिपोर्ट पॉजीटिव आई है। सभी को इलाज के लिए एमडीएम अस्पताल में भर्ती किया गया है।
वैक्सिन से बचा रहे रिस्क-
स्वाइन फ्लू के खौफ के बीच चिकित्साकर्मी स्वाइन फ्लू मरीजों का इलाज कर रहे हैं। पूरी सावधानी व सतर्कता के बावजूद मरीजों के इलाज में जुटे दो फिमेल नर्स समेत चार चिकित्साकर्मी भी स्वाइन फ्लू की चपेट में आ चुके हैं। उन्हें टेमीफ्लू व अन्य इलाज दिया गया है। सीएमएचओ डॉ. सुनील बिस्ट के अनुसार इलाज लेने के बाद पॉजीटिव रिपोर्ट वाले चिकित्साकर्मियों का स्वास्थ्य ठीक है। इधर एमडीएम अस्पताल प्रशासन ने इलाज में जुटे स्टाफ के स्वाइन फ्लू के कहर से बचाने के लिए 100 वैक्सिन खरीदकर स्टाफ को लगाई गई है। अस्पताल प्रशासन ने वैक्सिन सप्लाई करने वाली फर्म को 30 और वैक्सिन भेजने का ऑर्डर दिया है। क्योंकि स्वाइन फ्लू के मरीज बढऩे के साथ स्टाफ की ड्यूटियां बढ़ेगी तो उन्हें वैक्सिन लगाई जाएगी। इधर वार्डों में निरीक्षण एवं आईसीयू में विजिट करने वाले कुछ चिकित्सक भी स्वाइन फ्लू से बचाव के लिए टेमीफ्लू दवा का सेवन कर रहे हैं।
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