खारिया मीठापुर (जोधपुर). कापरड़ा गांव मे जहरीली घास खाने से 17 पशुओं की मौत के बाद रविवार को पशु चिकित्सकों की टीम ने कार्रवाई जारी रखते हुए पशुपालकों के घर का सर्वे किया। इस दौरान बीमार मिले 8 पशुओं का उपचार किया।
डॉ नवीन जयसवाल ने बताया कि कापरड़ा व मालकोसनी की मेडिकल टीम ने आस-पास के खेतों व गांव में रहने वाले पशुपालकों से मिलकर उनके पशुओं की हालत की जानकारी ली। अब कई मवेशियों की हालत में सुधार हुआ और अधिकांश पशु स्वस्थ पाए गए। साथ ही 8 बीमार पशुओं का उपचार किया गया। प्रशासनिक अधिकारियों व विभाग के अधिकारियों को भी इसकी जानकारी भेज दी गई।
पशु चिकित्सकों ने पशुपालकों को हिदायत दी कि पशुओं की देखभाल में कोई कमी ना रहे ओर पशु बीमार होते ही तुरन्त उपचार के लिए नजदीकी पशु चिकित्सालय सूचित करें।
गौरतलब है कि शनिवार को जहरीला चारा खाने से 17 मवेशियों की मौत हो गई तथा 100 से अधिक मवेशी घायल हो गए। इस घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई। पांच स्थानों से पहुंची मेडिकल टीमों ने दिन भर गांव में मवेशियों का उपचार किया। इस घटना के बाद पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी भी गांव में डेरा डाले रहे। हालांकि इस संबंध में कोई मामला दर्ज नहीं किया गया है।
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