जोधपुर. नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने शहर के टेक्सटाइल व स्टील उद्यमियों की ओर से प्राइमरी एफ्लूएंट ट्रीटमेंट प्लांट (पीइटीपी ) लगाने के लिए अतिरिक्त समय मांगने के लिए दायर अपील को खारिज कर दिया। एनजीटी ने गत नवम्बर में हुई सुनवाई में प्रत्येक टेक्सटाइल व स्टील इकाई को डिस्चार्ज व उपचारित पानी के निर्धारित मानकों के अनुसार 31 दिसम्बर तक पीइटीपी लगाने के निर्देश दिए थे। लेकिन कुछ इकाइयों में अब तक पीइटीपी नहीं लगी है। शहर में जोधपुर प्रदूषण निवारण ट्रस्ट से जुड़ी टैक्सटाइल व स्टील की करीब 400 इकाइयां हैं।पीइटीपी नहीं लगाने वाले उद्यमियों से मंगलवार से प्रतिदिन 25 हजार रुपए के हिसाब से पेनल्टी वसूलनी शुरू हो जाएगी। अधिकतम 3 माह तक पेनल्टी वसूली के बाद भी पीइटीपी नहीं लगाने पर इकाई सीज की जाएगी।
25 प्रतिशत पानी निकासी का प्लान
एनजीटी ने जोधपुर प्रदूषण निवारण ट्रस्ट को कॉमन एफ्लूएंट ट्रीटमेंट प्लांट से उपचारित पानी के मानक सुधारने और मानक अनुसार उपचारित पानी का केवल 25 प्रतिशत पानी जोजरी नदी में डालने व 75 प्रतिशत पानी का पुन:उपयोग करने के निर्देश दिए थे। इसके लिए ट्रस्ट की ओर से प्लान तैयार किया जा रहा है। इस प्लान को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को पेश किया जाएगा।
उद्यमी परेशान
एनजीटी की ओर से अपील खारिज कर देने से उद्यमी परेशानी में हैं। स्टील की लगभग सभी इकाइयों ने पीइटीपी लगा दिए है। टेक्सटाइल की कुछ इकाइयों में अभी पीइटीपी नहीं लगे हैं। लेकिन जल्द ही लग जाएंगे।
जसराज बोथरा, मैनेजिंग ट्रस्टी, जेपीएनटी
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