NCDEX की समय सीमा के विरोध के चलते बंद रही जोधपुर की जीरा मंडी, परेशानी बढ़ा रहा एग्री वायदा कारोबार

पोस्ट पसंद आये तो लाइक जरुर करे ?

जोधपुर. सरकार की ओर से ऑनलाइन वायदा एक्सचेंज प्लेटफॉर्म नेशनल कमोडिटी एवं डेरिवेटिव्स एक्सचेंज (एनसीडीईएक्स) का 1 जनवरी से प्रस्तावित समय के विरोध में शुक्रवार को जीरा मंडी में सांकेतिक हड़ताल रही। इस दौरान मंडी में खुली बोली नीलामी से व्यापार कार्य नहीं हुआ। व्यापारियों ने एनसीडीइएक्स के 1 जनवरी से प्रस्तावित समय सुबह 9 से रात 9 बजे तक का विरोध किया। जीरा मंडी व्यापार संघ के अध्यक्ष पुरुषोत्तम मूंदड़ा ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को ज्ञापन भेजकर बताया गया कि जो व्यापारी हमेशा सुबह 10 बजे कृषि मंडी में आता है और शाम 5 बजे घर जाता है। ऐसे समय में सुबह 9 से रात 9 बजे तक चलने वाले इस ऑनलाइन टे्रडिंग से जुड़े व्यापारियों व इससे जुड़े लोगों का व्यापार, कामकाज व स्वास्थ्य प्रभावित होगा। वर्तमान में यह समय सुबह 9.30 से दोपहर 3.30 बजे तक है। उन्होंने बताया कि सुबह 10 से रात्रि 12 बजे तक सोना, चांदी, तांबा, जिंक, क्रूड आदि का वायदा कारोबार चलता है। अब व्यापारी कृषि जिंसों का सुबह 9 से रात 9 बजे तक वायदा कारोबार चलने का विरोध कर रहे है। व्यापारियों की ओर से एनसीडीइएक्स के प्रस्तावित समय पर रोक लगाने की मांग की गई।

किसानों के लिए बाधक

जीरा मंडी व्यापार संघ के सचिव राजेश करवा ने बताया कि एग्री वायरा कारोबार किसानों की आय दुगुनी करने के लक्ष्य का बाधक है। वर्ष 2003 में एग्री वायदा कारोबार शुरू हुआ। इसके बाद से अब तक करीब 15 वर्षो में एक भी किसान ने अपनी फसल इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से नहीं बेची, क्योंकि किसान के पास मंडी टैक्स, सेल्स टैक्स, वैट व जीएसटी का पंजीयन नहीं था। इस वजह से किसानों को अपनी फसल लागत मूल्य से नीचे भावों में बेचनी पड़ती है।



from Patrika : India's Leading Hindi News Portal http://bit.ly/2GAzGLB
Share on Google Plus

About Atul

This is a short description in the author block about the author. You edit it by entering text in the "Biographical Info" field in the user admin panel.

0 comments:

Post a Comment