ओसियां (जोधपुर). खोखरी स्थित रेतीले धोरों के पास हर साल लाखों सैलानी आते है, वहां अल्पाहार की कोई व्यवस्था न होने से राज्य सरकार ने एक मिडवे बनवाया था। लेकिन अधिकारियों की अनदेखी के चलते वह शुरू नहीं हो सका। मिडवे भवन आज उजाड़ हो गया है। लोग उसका फर्नीचर उखाड़ कर ले गए है।
इधर, मिडवे न होने से सैलानियों को मायूस होकर लौट रहे है। ओसियां पूरे देश ही नहीं बल्कि दुनिया में धार्मिक और हैरिटेज पर्यटन के लिए विख्यात है। थार का प्रवेश द्वार कहे जाने वाले ओसियां में लाखों देसी-विदेशी पर्यटक आते है। श्री सच्चियाय माता हिन्दुओं में कई गौत्र वालों की कुलदेवी है। इनका भव्य व प्राचीन मंदिर अन्य पर्यटकों का भी लुभाता है।
धार्मिक पर्यटन स्थान
इसके अलावा यहां का जैन मन्दिर भी धार्मिक पर्यटन का एक बड़ा स्थान है। कातन बावड़ी की छटा पर्यटकों को आकर्षित करती है तो यहां से शुरू होने वाले मखमली रेतीले धोरों पर जीप व केमल सफारी पर्यटको को रोमांचित करती है। रेतीले धोरों पर सूर्यास्त को निहारने के बाद वहीं जम जाती है कालबेलिया नृत्य व लोकगीतों की महफिल। धोरों के बीच बने टैंटों में रात गुजारने का मोह छोड़ा नहीं जा सकता है।
सरकरी स्तर पर सुविधाएं नहीं
इतनी खासियतों के बावजूद ओसियां में पर्यटको के लिए सरकारी स्तर पर कोई सुविधा मुहैय्या नहीं है। पहली सुविधा के नाम पर सरकार ने यहां भी मिडवे का निर्माण करावाया था। इस तरह के 8-9 मिड वे का निर्माण केन्द्र सरकार ने विशेष बजट के तहत करवाया था। राज्य सरकार ने जमीन उपलब्ध करवाई थी। सरकार इस मिड वे को चालू करने पर निर्णय लेती, इससे पहले ही सरकार बदल गई और यह खटाई में पड़ गया। यहां तक कि सरकार ने यहां मिडवे के लिए बनाए सरकारी कार्यालय खोलने पर भी सरकार ने सोचा था।
इन्होंने कहा
यदि ओसियां का मिडवे चालू होता है तो पर्यटकों को काफी फायदा होगा, लेकिन यह निर्णय राज्य सरकार करेगी।
-भानु प्रतापसिंह, उपनिदेशक पर्यटन विभाग जोधपुर
ओसियां मिड वे की लोकेशन बहुत अच्छी हैं। यदि यह मिडवे चालू हो तो देशी विदेशी पर्यटकों को उचित दाम में अल्पाहार मिल जाएगा।
-बबलू, पर्यटक विभाग मान्यता प्राप्त गाइड ओसियां
सुबह से शाम तक काफी पर्यटक यहां आते हैं, लेकिन वे इसे बंद देखकर निराश होकर लौट जाते है।
-दुर्गेश चौहान, स्थानीय निवासी, ओसियां।
ओसियां का मिडवे काफी समय से बंद पड़ा है। इसके बारे में अधिकारियों को अवगत करवाया जाएगा।
-रतनलाल रेगर, उपखण्ड अधिकारी, ओसियां।
शाम के समय इस धोरों पर भारी संख्या में पर्यटक ऊंट सवारी व कैम्पफायर का लुप्त उठाने के लिए आते हैं, मिड वे की सुविधा मिले तो उन्हें राहत मिलेगी।
-विमल सोनी, मैनेजर थार ग्रुप ओसियां
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