फ्रिज फटने से लगी आग, कमरे में सो रही महिला व दो पुत्र जिंदा जले

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जोधपुर.
बनाड़ थानान्तर्गत नांदड़ा कलां गांव में सोडेर की ढाणी में सोमवार रात डेढ़ बजे शॉर्ट सर्किट से फ्रिज में ब्लास्ट होने के बाद लगी आग में महिला व उसके दो पुत्र जिन्दा जल गए। जबकि अंधेरे में धुएं और लपटों के बीच घिरा महिला का पति कमरे से बाहर निकलने के लिए दरवाजा ढूंढ नहीं पाया और वो भी नब्बे प्रतिशत झुलस गया। उसे महात्मा गांधी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उसकी हालत गंभीर बनी हुए है।

थानाधिकारी प्रहलाद सिंह के अनुसार सोडेर की ढाणी में सादों का बास निवासी आरसीसी ठेकेदार लक्ष्मणदास वैष्णव (४२) सोमवार देर रात पत्नी शोभा (३७), पुत्र दीपक (१८) व रवि (१५) के साथ कमरे में फर्श पर सो रहा था। इसी कमरे में लोहे के बक्से व फ्रिज रखा था। फ्रिज की पिन अस्थाई बिजली बोर्ड में लगी थी। इसी बोर्ड में मोबाइल भी चार्ज होने के लिए लगा हुआ था।

मध्यरात्रि बाद करीब डेढ़ बजे बिजली के बोर्ड में शॉर्ट सर्किट होने लगा और केबल जलने के साथ ही शॉर्ट सर्किट से फ्रिज में आग लग गई। तेज धमाके के साथ कम्प्रेसर सहित पूरा फ्रिज फट गया। इससे पास ही लगे बिस्तर में आग लग गई और चारों जने आग की चपेट में आ गए। सर्दी के कारण कमरे का दरवाजा और खिड़कियां बंद थे और अचानक हुए धमाके और आग लगने के बाद कमरे में धुंआ ही धुंआ हो गया। अंधेरे और धुंए में लपटों से घिरी शोभा, उसका पुत्र दीपक और रवि कमरे से बाहर नहीं निकल पाए और तीनों जिन्दा जल गए। तीनों की मौके पर ही उनकी मृत्यु हो गई। परिजन ने पानी डालकर आग पर काबू पाया। बाद में दमकल ने आग पर काबू की नियंत्रित की।
धुंए में कमरे का दरवाजा ढूंढता रहा लक्ष्मणदास

महिला का पति लक्ष्मणदास ने खुद के साथ पत्नी व दोनों बच्चों को बाहर निकालने का प्रयास किया। वह काफी देर तक दरवाजा ढूंढने के लिए हाथ पांव मारता रहा। इस बीच धमाके की आवाज सुनकर सामने रहने वाले भाई व चाचा मौके पर पहुंचे और उन्होंने लोहे के लगिए से दरवाजा खोला। उन्होंने पानी डाल आग पर काबू पाया तब तक लक्ष्मणदास काफी झुलस गया था।
कमरे की चौखट पर मृत मिला बड़ा पुत्र

आगजनी का पता लगने पर पुलिस मौके पर पहुंची। तब तक लक्ष्मण को अस्पताल भेजा जा चुका था। जबकि बड़ा पुत्र कमरे की चौखट पर मृत मिला। कमरे का फर्श व दीवारें काली हो चुकी थीं। फ्रिज व दीवार के पास फर्श पर उसकी मां और दोनों के बीच रवि का शव पड़ा था। जांच के बाद पुलिस ने तीनों शव एमजीएच मोर्चरी भिजवाए और पोस्टमार्टम के बाद परिजन को सौंपे गए। मृतक के चचेरे भाई राजेन्द्र वैष्णव की शिकायत पर मर्ग दर्ज किया गया है।
दूसरे कमरे में सोते तो टल सकता था हादसा

लक्ष्मणदास के मकान में दो कमरे हैं। जिस कमरे में परिवार के सभी सदस्य सो रहे थे उसमें लोहे के बक्से व फ्रिज के अलावा अनाज की बोरियां व घरेलू सामान भी रखा था। जबकि पास वाले कमरे में पलंग लगा हुआ था। लेकिन पूरा परिवार उस कमरे में नहीं सोकर फ्रिज वाले कमरे में जमीन पर ही सो रहा था।



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