पीपाड़सिटी (जोधपुर) . भुंडाणा गांव में भूमि विवाद के चलते एक प्राचीन मंदिर के जीर्णोद्धार के मामले ने तूल पकड़ लिया है। जीर्णोद्धार करवाने के पक्षधर ग्रामीणों ने रविवार को उपजिला मुख्यालय के समक्ष प्रदर्शन किया और भूमि के मालिकाना हक की जांच की मांग की।
भुंडाणा गांव मे एक प्राचीन महादेव मंदिर हैं जो खसरा नंबर 550 की भूमि पर बना हैं। ये मंदिर देवस्थान विभाग के साथ पुरातत्व विभाग के रिकार्ड में भी दर्ज हैं। राज्य सरकार ने इस प्राचीन मंदिर के संरक्षण को ले जीर्णोद्धार के लिए 44 लाख की बजट राशि आवंटित की। शनिवार को जब ग्रामीणों ने इसका कार्य शुरू कराने का प्रयास किया तो खातेदार छोटाराम जाट ने मंदिर के उसकी खातेदारी भूमि में होने के कारण बिना उसकी सहमति के जीर्णोद्धार कार्य पर आपत्ति जताते हुए विरोध किया।
इस मामले में ज्यादातर ग्रामीण मंदिर के जीर्णोद्धार के पक्ष में होने से गांव में विवाद की स्थिति पैदा हो गई। मामला पुलिस तक पहुंचा और उसके दखल के बावजूद विवाद का हल न होने से रविवार को दर्जनों ग्रामीण एकत्र होकर उपजिला मुख्यालय पहुंचे। वहां प्रदर्शन कर उपजिला कलक्टर कंचन राठौड़ और तहसीलदार धन्नाराम गोदारा को ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में मंदिर की भूमि का मालिकाना हक की जांच की मांग की गई। इसी बीच पुलिस ने भी मंदिर विवाद को देखते हुए सुरक्षा और कानून व्यवस्था की समीक्षा की। इस बीच थानाधिकारी चंपाराम, उप निरीक्षक हनुमान बिश्नोई ने भी गांव का दौरा कर हालात की समीक्षा की और मंदिर विवाद को देखते हुए सुरक्षा व कानून व्यवस्था बनाए रखने के बंदोबस्त किए।
इन्होंने कहा
मंदिर की भूमि और विवाद को लेकर तहसीलदार से रिपोर्ट तलब की गई हैं। उसके बाद ही कोई नीतिगत निर्णय किया जा सकेगा।
कंचन राठौड़, उपजिला मजिस्ट्रेट, पीपाड़सिटी
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