जोधपुर की बेटी ने झारखण्ड में साबित किया कि राजस्थानी किसी से कम नहीं

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के. आर. मुण्डियार

जोधपुर.

चुनौतियों से लड़ते हुए सफलता कैसे हासिल कर सकते हैं। इसके लिए जोधपुर की बेटी भावना परिहार अहम मिसाल है। एक सामान्य किसान परिवार में जन्मी भावना ने विपरीत परिस्थितियों के बावजूद राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय रांची (झारखण्ड) एलएलबी पढ़ाई में एक साथ 9 गोल्ड मैडल हासिल किए हैं।
मथानिया के किसान विरेन्द्र परिहार की बेटी भावना परिहार ने आठवी तक की पढ़ाई मथानिया स्कूल में हिन्दी माध्यम से की। इसके बाद 9 वीं-10 वीं की पढ़ाई जोधपुर के नोबल स्कूल और 11-12 वीं की पढ़ाई सेन्ट्रल एकेडमी में की। स्कूली पढ़ाई में वह ज्यादा अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाई। लेकिन बाद में मन में ठानते हुए क्लेट का एंट्रेंस एग्जाम दिया और उसमें सफल हो गई। पांच साल पहले मेरिट के आधार पर भावना का प्रवेश रांची के एनएलयू में हुआ था। वहां पांच साल कोर्स करने के बाद उसने मुश्किलों को नकारते हुए 9 गोल्ड मैडल हासिल किए। रांची एनएलयू के 1 दिसम्बर को आयोजित दीक्षांत समारोह में भावना को यूनिवर्सिटी टॉप करने पर चांसलर मैडल ऑफ ओवरऑल परफोर्मेंस इन कॉलेज, एनयूएसआरएल बैच टॉपर, जस्टिस एसबी सिन्हा मेडल फॉर टॉपर ऑफ क्रिमिनल लॉ ऑनर्स, आरएन झुंनझुनवला मेडल फॉर टॉपर ऑफ एडिनिस्ट्रेटिव लॉ, टॉपर ऑफ हैल्थ लॉ, टॉपर ऑफ अरबिट्रेशन लॉ सहित कुल 9 श्रेणी के गोल्ड मैडल प्रदान किए गए। झारखण्ड के चीफ जस्टिस झारखण्ड ने भावना को टॉपर के गोल्ड मैडल प्रदान किए।

चुनौतियों आई, हार नहीं मानी-
पत्रिका के साथ विशेष बातचीत में भावना ने बताया कि चूंकि उसनेे स्कूली पढ़ाई हिन्दी माध्यम से की थी। इसलिए एलएलबी की पढ़ाई अंग्रेजी माध्यम में होने से उसे काफी परेशानी हुई। जब रांची में प्रवेश हुआ तब वहां एक वरिष्ठ अधिकारी ने राजस्थानी विद्यार्थियों के पढ़ाई में कमजोर प्रदर्शन को लेकर मजाक उड़ाया था। भावना के अनुसार उसको यह ताना दिया गया कि राजस्थानी तो पढ़ाई में ढपोर होते हैं, उनके लिए यह पढ़ाई नहीं है। अधिकारी का वह ताना उसे चुभ गया और उसने संकल्प कर लिया कि वह पूरे राजस्थान का नाम ऊंचा करेगी और यह दिखा देगी कि राजस्थानी किसी से कम नहीं होते। और उसी संकल्प को भावना ने साकार कर दिखाया।

20 लाख का पैकेज छोड़ आ गई जोधपुर-
भावना परिहार ने एलएलबी की थर्ड इयर की परीक्षा में ही अपना प्रदर्शन सुधार लिया। उसे इंटर्नशिप के लिए दिल्ली लूथरा एण्ड लूथरा लॉ फर्म ज्वाइन किया तो फर्म ने ही उसे तीसरे साल में ही जॉब ऑफर कर दी। एलएलबी कम्पलीट होने पर उसने दिल्ली में लूथरा एण्ड लूथरा लॉ फर्म में एक साल तक २० लाख के पैकेज पर जॉब की। लेकिन उसके मन में जॉब की बजाय अपनी धरा पर आकर आगे की पढ़ाई करने की इच्छा थी। इसलिए बड़ा पैकेज छोड़ जोधपुर आ गई। भावना राजस्थान हाइकोर्ट के वकील महेश बोड़ा के साथ चर्चित हिरण शिकार में सलमान खान केस एवं यौन दुराचार के आसाराम केस को एसिस्ट कर चुकी है। जोधपुर आने के बाद भावना ने आरजेएस की पढ़ाई के लिए भारत सेवा संस्थान ज्वाइन किया है। जहां वह अपनी मंजिल की ओर बढ़ रही है।



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