बैकफुट पर आया नगर निगम और अब घंटाघर की दुकानों को लीज पर देने से पहले गठित हुई कमेटी

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जोधपुर. महापौर घनश्याम ओझा की अध्यक्षता में सोमवार को आयोजित होने वाली नगर निगम बोर्ड बैठक को दूसरी बार स्थगित हो गई है। आयुक्त दुर्गेश कुमार बिस्सा ने बताया कि साधारण सभा की बैठक अपरिहार्य कारणों से स्थगित कर दी गई है। अब राज्य सरकार के स्वायत शासन विभाग की ओर से नगर निकायों द्वारा किराया, लाइसेंस, यूज एंड ऑक्यूपेशन पर दिए गए विभिन्न व्यवसायों के लिए भूखंड स्थल, दुकान केबिन को 99 वर्ष की लीज पर दिए जाने के आदेश के संबंध में अध्ययन करने के लिए उपमहापौर देवेंद्र सालेचा की अध्यक्षता में 7 सदस्य कमेटी का गठन किया गया है। महापौर घनश्याम ओझा ने बताया कि राज्य सरकार ने 5 अक्टूबर को एक आदेश जारी किया था। जिसमें नगर निकायों द्वारा किराया, लाइसेंस ,यूज एंड ऑक्यूपेशन पर दिए गए विभिन्न व्यवसाययों के लिए भूखंड स्थल, दुकान, केबिन को 99 वर्ष की लीज पर विक्रय करने के संबंध में आदेश जारी किए गए थे। इस आदेश के निष्पादन के लिए सोमवार को बोर्ड बैठक आयोजित की गई थी। महापौर घनश्याम ओझा ने बताया कि निगम की अधिकांश प्रॉपर्टी घंटाघर क्षेत्र में स्थित है । राज्य सरकार के इस निर्णय का विभिन्न संगठनों की ओर से विरोध किया जा रहा है। साथ ही घंटाघर जोधपुर शहर की ऐतिहासिक धरोहर है इसका पुरातत्व महत्व भी है। ओझा ने बताया कि इस संबंध में भाजपा पार्षद दल की बैठक आयोजित कर इस विषय पर चर्चा की गई। वही कांग्रेस पार्षद दल ने भी नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र सोलंकी के साथ मुलाकात कर इस विषय पर विचार करने का आग्रह किया।

सालेचा की अध्यक्षता में कमेटी गठित

महापौर ने बताया कि विस्तृत चर्चा के बाद घंटाघर की दुकानों को 99 वर्ष की लीज पर देने के आदेश की समीक्षा के लिए कमेटी के गठन का निर्णय लिया गया। जिस पर उपमहापौर देवेंद्र सालेचा की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन किया गया है। इस कमेटी में आयुक्त नगर निगम को सदस्य सचिव मनोनीत किया गया है। साथ की पार्षद राजेंद्र गहलोत, मार्केटिंग कमेटी अध्यक्ष हरि गोपाल राठी, नियम एवं उपविधि समिति अध्यक्ष विश्वजीत जोशी, उपनेता प्रतिपक्ष गणपत सिंह चौहान और मजीद गोरी को सदस्य बनाया गया है।
अब इस सोच पर होगा काम

महापौर घनश्याम ओझा ने बताया कि यह समिति घंटाघर क्षेत्र के ऐतिहासिक महत्व एवं इसके हेरिटेज लुक के मद्देनजर कार्य करेगी। ध्यान रखेगी कि इन दुकानों का विक्रय किस प्रकार किया जा सकता है और फिर इस संबंध में अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। ओझा ने बताया कि राज्य सरकार की ओर से यह आदेश 5 अक्टूबर को जारी हुआ था और दूसरे दिन आचार संहिता प्रभावी हो



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