अविनाश केवलिया/जोधपुर. तीन राज्यों के विधानसभा चुनाव परिणाम आने के बाद केंद्र सरकार ने किसानों के लिए बड़ी राहत का ऐलान किया है। सरकार ने गजट में अधिसूचना जारी कर भूजल दोहन के लिए नए दिशा निर्देश जारी किए हैं। गजट संख्या- 4910/12 दिसम्बर 2018 के अनुसार एक जून 2019 से भूजल के कृषि उपयोग के लिए किसानों को अनापत्ति प्रमाण पत्र लेने से छूट दी गई है।
अब जिले के ओसियां, भोपालगढ़, बिलाड़ा व मंडोर क्षेत्र में किसान कुआं बनाने के साथ ही नए कृषि विद्युत कनेक्शन लेने व पूर्व में स्थापित कनेक्शनों को डार्क जोन में स्थानांतरण भी करवा सकेंगे। डार्क जोन क्षेत्र में किसानों के लिए कृषि विद्युत कनेक्शन को लेकर लगी सभी प्रकार की पाबंदियां खत्म होंगी वहीं नोन नोटिफाइड क्षेत्र में भी किसानों को जिला सलाहकार समिति से कुआं बनाने व कृषि विद्युत कनेक्शन लेने के लिए अनुमति लेने की आवश्यकता भी खत्म होगी।
किसानों की थी बड़ी मांग
राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण की ओर से केंद्र सरकार ने 13 अगस्त 2011 को नोटिफाइड क्षेत्र घोषित करने के जारी नोटिफिकेशन के आधार पर अप्रेल 2015 में आदेश जारी कर नोटिफिकेशन के बाद जारी हुए कृषि विद्युत कनेक्शन काटने के व नए कनेक्शन जारी करने पर रोक लगा दी थी। आदेश के बाद प्रशासन के किसानों को नोटिस जारी करने पर आक्रोशित किसानों ने भारतीय किसान संघ के नेतृत्व में जिले भर में आंदोलन छेड़ दिए थे। जनवरी 2016 में जोधपुर जिला मुख्यालय पर हजारों किसानों ने महापड़ाव डाल कर जिला प्रशासन से किसानों के कृषि कनेक्शन काटने के नोटिस निरस्त करने व नए कनेक्शन पर रोक हटाने की मांग रखी थी। जिस पर किसानों की मांग मानते हुए जारी कनेक्शन काटने पर रोक लगा दी थी। भारतीय किसान संघ की याचिका पर एनजीटी ने भी याचिका का निस्तारण करते हुए डार्क जोन क्षेत्र में कृषि के लिए भूजल के उपयोग को इस शर्त पर छूट दी थी कि किसानों की ओर से बनाए हुए कुओं के भूजल का उपयोग उद्योगों में नहीं किया जा सकेगा।
फैक्ट फाइल
- देश भर में 162 डार्क जोन क्षेत्र
- राजस्थान में 35 डार्क जोन क्षेत्र
- जोधपुर जिले में 4 डार्क जोन क्षेत्र जिसमे ओसियां, भोपालगढ़, बिलाड़ा व मंडोर शामिल
अभी यह स्थिति
डार्क जोन क्षेत्र में औद्योगिक और कृषि उपयोग के लिए ट्यूबवेल की खुदाई पूर्णत प्रतिबंधित। यदि किसी को घरेलू कार्य के लिए भूजल का उपयोग करना होता है तो उसके लिए जिला कलक्टर स्तर पर गठित समिति से स्वीकृति लेनी पड़ती थी। ----
कृषि के लिए सीमित संसाधनों के बावजूद किसानों ने भूजल का उपयोग कर कृषि उत्पादन को बढ़ाया है। डार्क जोन घोषित कर कृषि के लिए भूजल के उपयोग पर रोक लगा दी गई थी। भारतीय किसान संघ के आंदोलन व राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण सहित केंद्र सरकार में किसानों का मजबूती से पक्ष रखने के परिणामस्वरूप किसानों को बड़ी राहत मिली है। अब किसान देश भर में कृषि उपयोग के लिए बिना औपचारिकता के भूजल का उपयोग कर सकेंगे।
- तुलछाराम सिंवर, आंदोलन संयोजक, भारतीय किसान संघ
जिले के चार जोन को मिलेगी राहत
पहले कृषि, उद्योग में ट्यूबवेल खुदाई पर प्रतिबंध था। केन्द्रीय भूजल बोर्ड के सेवानिवृत्त वैज्ञानिक ओपी पूनिया ने बताया कि अब गजट में एनओसी के लिए छूट दी गई है। यह छूट 1 जून 2019 से लागू होगी। जोधपुर जिले के चार जोन को राहत मिलेगी।
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