चुनाव में श्रेय लेने की होड़ में अटकी पाक विस्थापितों की नागरिकता, अधिकारियों ने बिना छुट्टी लिए तैयार किए थे दस्तावेज

पोस्ट पसंद आये तो लाइक जरुर करे ?

रणवीर चौधरी/जोधपुर. पाकिस्तान से भारत आए 500 विस्थापितों की नागरिकता के दस्तावेज तैयार हैं लेकिन नागरिकता नहीं मिल पाई। राज्य सरकार विधानसभा चुनाव से पहले अंतरराष्ट्रीय मुद्दे को भुनाने के लिए पाक विस्थापितों को भारतीय नगारिकता और चार हजार पाकिस्तानी नागरिकों को लॉन्ग टर्म वीजा देने तैयारी की गई थी। पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह के हाथों नागरिकता के प्रमाणपत्र दिए जाने थे। लेकिन विभिन्न कारणों से समारोह की तारीखें बदलती गई और 6 अक्टूबर को आचार संहिता लगने के कारण विस्थापितों को नागरिकता देने का कार्यक्रम रद्द हो गया। करीब तीन माह से तैयार नागरिकता अब नई सरकार की स्वीकृति के इंतजार में अटकी पड़ी है।

जिला कलक्टर व एडीएम एक माह तक जुटे रहे

जोधपुर जिला कलक्टर के पास तीन हजार 90 पाक विस्थापितों के भारतीय नागरिकता लेने के आवेदन लंबित थे। करीब चार माह पूर्व राज्य सरकार के स्तर पर दो हजार आवेदकों को नागरिकता देने के निर्देश जारी किए गए। सितम्बर माह में मंत्रालयिक कर्मचारी हड़ताल पर थे। ऐसे में जिला कलक्टर डॉ. रविकुमार सुरपुर, एडीएम महिपाल भारद्वाज, सीमा कविया और अन्य अधिकारियों ने एक माह तक छुट्टी के दिन भी काम किया और पांच सौ पाक विस्थापितों को भारतीय नागरिकता देने के लिए प्रमाण पत्र तैयार किए थे।


आचार संहिता के कारण नहीं मिली नागरिकता

जिला प्रशासन ने पाक विस्थापितों को नागरिकता देने के लिए पूरी तैयारी कर ली थी। 4 अक्टूबर को समारोह आयोजित कर तत्कालीन मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह के हाथों से नागरिकता वितरित करने का कार्यक्रम था। लेकिन समारोह की तारीख 5 अक्टूबर कर दी गई। लेकिन कार्यक्रम नहीं हुआ। इसके बाद 6 अक्टूबर को आचार संहिता लग गई और समारोह रद्द होने के साथ पाक विस्थापितों को नागरिकता भी नहीं मिल पाई।


जमीन देने के निर्देश दिए गए थे

सरकार पाक विस्थापितों को भारतीय नागरिकता देने के साथ उन्हें बसाने की भी तैयारी कर रही थी। राज्य सरकार के निर्देश पर गत मई में नगरीय विकास विभाग ने सभी यूआइटी और विकास प्राधिकरण को भूखंड आवंटन की गाइड लाइन भेजी थी। जोधपुर विकास प्राधिकरण ने चौखा क्षेत्र में राजीव गांधी कॉलोनी के पास पांच सौ बीघा जमीन चिन्हित की है। लेकिन इसकी प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाई।


13 साल बाद 217 को मिली थी नागरिकता

पाकिस्तान के सिंध प्रांत से आए हिंदू विस्थापितों की सबसे ज्यादा संख्या जोधपुर में है। इनमें चौपासनी हाउसिंग बोर्ड, प्रतापनगर, कुड़ी भगतासनी, कालीबेरी, श्रीराम नगर, अलकोसर नगर, माता का थान क्षेत्र में करीब 20 हजार से ज्यादा पाक विस्थापित रहते हैं। वर्ष 2005 में शिविर आयोजित कर करीब 13 हजार पाक विस्थपितों को नागरिकता दी गई थी। इसके बाद 13 वर्षो तक किसी भी पाक विस्थापित का नागरिकता नहीं मिली। इसके बाद इस वर्ष जून माह में 217 पाक विस्थापितों को नागरिकता दी गई।

इनका कहना है

करीब 500 पाक विस्थापितों को भारतीय नागरिकता देने की तैयारी की गई थी। लेकिन आचार संहिता लगने के कारण नागरिकता वितरण नहीं कर पाए। अब राज्य सरकार से स्वीकृति मिलने के बाद पाक विस्थापितों को भारतीय नागरिकता के प्रमाण पत्र वितरित कर दिए जाएंगे।
डॉ. रविकुमार सुरपुर, जिला कलक्टर



from Patrika : India's Leading Hindi News Portal http://bit.ly/2QIif01
Share on Google Plus

About Atul

This is a short description in the author block about the author. You edit it by entering text in the "Biographical Info" field in the user admin panel.

0 comments:

Post a Comment