जोधपुर.
राजस्थान हाईकोर्ट में जस्टिस संदीप मेहता और विनीत माथुर की खंडपीठ ने पैरोल कमेटी को नाबालिग छात्रा के यौन शोषण मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे आसाराम की पैरोल याचिका पर पुनर्विचार कर निर्णय करने के निर्देश दिए हैं। समिति को एक माह में पुनर्विचार कर निर्णय करना होगा। पैरोल याचिका आसाराम के भांजे रमेश भाई की ओर से लगाई गई थी।
इस आदेश में कहा गया है कि जिला पैरोल समिति ने आसाराम की पैरोल अर्जी को इसलिए खारिज कर दिया था कि उसमें पैरोल के दौरान आसाराम के स्थायी निवास का पता नहीं लिखा गया था। अब याचिकाकर्ता के अधिवक्ता महेश बोड़ा व निशांत बोड़ा ने अतिरिक्त शपथ पत्र पेश कर कहा है कि पैरोल के दौरान आसाराम टोंक जिले में निवाई स्थित संत आसाराम गोशाला में रहेंगे। कोर्ट ने इस पर बिना किसी टिप्पणी किए जिला पैरोल समिति को आवेदन पर पुनर्विचार करने को कहा है।
from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/2CnH1K1
0 comments:
Post a Comment