रेण स्टेशन की समस्याओं का मामला पहुंचा हाईकोर्ट

पोस्ट पसंद आये तो लाइक जरुर करे ?

जोधपुर।

जोधपुर रेल मण्डल के रेण स्टेशन पर लकवा रोगियों सहित यात्रियों को रही विभिन्न समस्याओं का मामला राजस्थान हाईकोर्ट में पहुंच गया है।

राजस्थान हाईकोर्ट ने मामले को गंभीरता से लेते हुए रेलवे बोर्ड के महाप्रबंध, जयपुर-जोधपुर के मण्डल रेल प्रबंधक व स्टेशन अधीक्षक को नोटिस जारी कर बारह सप्ताह में जवाब मांगा है।

यह आदेश मुख्य न्यायाधीश प्रदीप नंद्राजोग व न्यायाधीश डॉ. पुष्पेन्द्रसिंह भाटी की खण्डपीठ ने दीनदयाल बंग की ओर से दायर याचिका की सुनवाई करते हुए दिए।

बंग की ओर से टंवरसिंह राठौड़ ने बताया कि नॉन सबअर्बन ग्रेड 5 (एनएसजी) श्रेणी के स्टेशन रेण की सालाना आय करीब 2 करोड़ रुपए है। इस श्रेणी के अन्य स्टेशनों और सालाना एक करोड़ से कम आय वाले एनएसजी 6 श्रेणी के स्टेशनों पर जिन ट्रेनों का ठहराव किया जा रहा है उन ट्रेनों का ठहराव रेण स्टेशन पर नहीं किया जा रहा है।

इसका उदाहरण देते हुए बताया कि ट्रेन संख्या 22421-22 सालासर एक्सप्रेस का ठहराव एनएसजी 5 श्रेणी के सभी स्टेशनों के अलावा एनएसजी 6 श्रेणी के छोटी खाटू, खुनखुना, तालछापर, रामपुर बेरी, सतनाली जैसे स्टेशनों पर ठहराव दिया हुआ है।

इनमें खुनखुना व तालछापर स्टेशनों की सालाना आय 50 लाख रुपए से भी कम है जबकि रेण स्टेशन पर इस गाड़ी का ठहराव नहीं दिया हुआ है। ऐसे ही 19027-28 विवेक एक्सप्रेस, 15623-24 जोधपुर-कामाख्या जैसी गाडिय़ां भी एनएसजी 5 श्रेणी के सभी स्टेशनों के अलावा एनएसजी 6 श्रेणी के स्टेशनों पर भी ठहराव करती है।

मूलभूत सुविधाओं की कमी

याचिका में बताया गया कि स्टेशन पर टिन शेड बहुत छोटा है जिसके नीचे 50 यात्री भी खड़े नहीं रह सकते है। ऐसे में धूप-बारिश में लकवा रोगियों व यात्रियों को दिक्कतें होती है।

स्टेशन पर ट्रेन के डिब्बे दर्शाने वाले कोच सांकेतिक बोर्ड नहीं है। गाड़ी आने पर लकवा रोगियों में भागदौड़ की स्थिति बन जाती है। स्टेशन पर द्वितीय प्लेटफ ॉर्म नहीं होने से अन्य लाइन पर खड़ी गाडिय़ों के यात्रियों को दिक्कतें होती है।



from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/2rAruQR
Share on Google Plus

About Atul

This is a short description in the author block about the author. You edit it by entering text in the "Biographical Info" field in the user admin panel.

0 comments:

Post a Comment