जोधपुर.
भीलवाड़ा स्थित भीलवाड़ा महिला अरबन कॉ-ऑपरेटिव बैंक में करोड़ों रुपए की धोखाधड़ी के मामले में फरार चल रहे सोसायटी संचालक को स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने बुधवार को जोधपुर के एयरफोर्स क्षेत्र में शिव शक्ति नगर से गिरफ्तार किया। वह एक-डेढ़ साल से फरार था। उसे अग्रिम जांच के लिए भीलवाड़ा ले जाया गया है।
एसओजी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ शर्मा ने बताया कि प्रकरण में भीलवाड़ा महिला अरबन कॉ-ऑपरेटिव बैंक के संचालक भीलवाड़ा निवासी रविन्द्र कुमार बोरदिया को गिरफ्तार किया गया है। उसके खिलाफ वर्ष २०१६ में ७५ लाख रुपए के फर्जी ऋण स्वीकृत करवाकर खुद उपयोग लेने का मामला दर्ज किया गया था। वह वर्ष २०१७ से फरार था। उसके छह माह से जोधपुर एयरफोर्स क्षेत्र की शिव शक्ति नगर में रहने की सूचना मिली। इस पर एसओजी की टीम ने वहां दबिश देकर रविन्द्र कुमार बोरदिया को गिरफ्तार कर लिया।
प्रारम्भिक पूछताछ के बाद एएसपी शर्मा के नेतृत्व में उसे भीलवाड़ा ले जाया गया, जहां उसे कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने उसे पांच दिन के रिमाण्ड पर भेजने के निर्देश दिए हैं।
आरबीआई ने दीवाला घोषित कर रखा है बैंक को
आरोपी रविन्द्र कुमार बोरदिया भीलवाड़ा महिला अरबन कॉ-ऑपरेटिव बैंक का संचालक है। उसकी पत्नी कीर्ति तत्कालीन चेयरमैन और भांजी मैनेजिंग डायरेक्टर थी, लेकिन सभी काम-काज बोरदिया ही संभालता था। पत्नी कीर्ति भी वांछित आरोपी है। आरबीआई ने बैंक को दीवाला घोषित कर रखा है।
यह है मामला
एसओजी का कहना है कि आरोपी बोरदिया व अन्य पदाधिकारियों ने बैंक से निजी ऋण देने के लिए आवेदन जमा किए थे। फिर इनमें गड़बड़ी करके ऋण तो स्वीकृत कर दिए, लेकिन ऋण राशि का उपयोग खुद ने ही किया। बोरदिया को ७५ लाख रुपए की धोखाधड़ी के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। करोड़ों रुपए के घोटाले के दो अन्य मामलों की जांच की एसओजी जोधपुर के उपाधीक्षक शंकरलाल कर रहे हैं।
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