जोधपुर. दीपावली पर बधाई संदेशों में लोगों के मोबाइल तक दस्तक देने वाले नेता इस बार बैकफुट पर रहे। बल्क मैसेज में हजारों रुपए खर्च करने वाले कई नेताओं ने इस बार चुनावी समर के लिए अपना खर्च बचा कर रखा। ऐसा इसलिए क्योंकि निर्वाचन विभाग ने सख्त निर्देश दे रखे हैं कि यदि बधाई संदेश पर खर्च किया और उस दावेदार को टिकट मिला तो वह चुनावी खर्च सीमा 28 लाख में शामिल होगा। खर्च वाले बधाई संदेशों की बजाय इस बार नेताओं ने अपना पूरा जोर सोशल मीडिया पर लगाया। सोशल मीडिया पर बधाई संदेश खर्च दायरे में नहीं आते। ऐसे में वर्तमान विधायक, मंत्री, पार्टियों के प्रतिनिधि भी इस पर संदेश वायरल करते देखे गए।
28 लाख है चुनावी खर्च
प्रत्याशियों के चुनावी खर्च की सीमा निवार्चन आयोग ने 28 लाख तय कर रखी है। ऐसे में दीपावली के बधाई संदेश दिए जाते तो निवार्चन विभाग इसको भी नोट करता और जिस दावेदार को टिकट मिलता उसके खाते में यह बधाई संदेश का खर्चा भी शामिल होगा।
होर्डिंग भी नहीं दिखे
हर दिवाली नेताओं के बधाई संदेश और होर्डिंग से अटी रहने वाली सडक़ें भी इस बार खाली दिखी। एक तो आचार संहिता की सख्ती और दूसरी ओर खर्च का डर यहां भी साफ देखने को मिला। शहर की किसी भी सडक़ पर यह होर्डिंग नजर नहीं आए।
अब फिर जयपुर-दिल्ली में डेरा
दीपावली पर्व का उल्लास खत्म होते ही चुनावी सरगर्मियां फिर तेज हो गई है। टिकट के दावेदार एक बार फिर जयपुर और दिल्ली में डेरा डालने के लिए निकल गए हैं। कई लोग गुरुवार रात को तो कई शुक्रवार सुबह अपने-अपने क्षेत्र से निकल गए। ऐसा माना जा रहा है कि त्योहार के बाद अब बहुत जल्द दोनों पार्टियां पहली सूची जारी कर सकती है
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