पेट्रोल पंच कर्मचारी और उपभोक्ताओं में बढऩे लगी है तनातनी, स्मैकची भी यूं बढ़ा रहे हैं पंप संचालकों की परेशान

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केस-1 बासनी स्थित एक पेट्रोल पम्प पर दस दिन पहले एक व्यक्ति ने पेट्रोल भरवाने के बाद पेट्रोल कम डालने की शिकायत को लेकर पंप का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाल दिया। साथ ही तेल कम्पनी को शिकायत की। कम्पनी की जांच में शिकायत फर्जी मिली।


केस-2 पिछले महीने जयपुर रोड स्थित एक पेट्रोल पम्प पर रात 3 बजे एक बाइक पर सवार होकर आए दो व्यक्तियों ने जबरदस्ती पेट्रोल भरने की कोशिश की। उन्होंने पेट्रोल पंप पर सो रहे कर्मचारियों के साथ मारपीट भी की। दोनों स्मैक पिए हुए थे। इसकी शिकायत डांगियावास थाने में की गई लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।

gajendra singh dahiya/जोधपुर. शहर में स्थित पेट्रोल पंपों पर पिछले कुछ समय से वाहन चालकों और पेट्रोल पंप सेल्समैन के बीच तकरार बढ़ गई है। कई वाहन चालकों द्वारा उचित माध्यम से शिकायत करने की बजाय मोबाइल से वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट किए जा रहे हैं। पंप की छवि धूमिल होने से परेशान पेट्रोल पंप मालिकों ने अब कानूनी कार्यवाही की चेतावनी दी है। वहीं दूसरी तरफ स्मैकचियों और अपराधियों द्वारा आए दिन रात को पेट्रोल पंपों पर जबरदस्ती पेट्रोल भरवाने और सेल्समैन के साथ गाली-गलौच करने से भी पंप मालिक परेशान हैं। पेट्रोल पंप मालिकों ने स्थिति नहीं सुधरने पर सांकेतिक बंद की चेतावनी है।

पेट्रोल पंप कर्मचारी और वाहन चालकों में तकरार का एक बड़ा कारण लोगों द्वारा पंप पर तेल चोरी करने की मानसिकता है। कुछ पम्प पर कम पेट्रोल भरने की शिकायतें सही भी होती है, लेकिन इक्का-दुक्का पेट्रोल पंप के सेल्समैन की गलतियों की वजह से सभी पेट्रोल पंपों को शक की दृष्टि से देखा जा रहा है। यही कारण है कि हर रोज किसी ना किसी पेट्रोल पंप पर वाहन चालक और सेल्समैन के बीच नोक झोंक हो जाती है। कई बार इस गर्मागर्मी में मारपीट भी होती है।

85 का नहीं 82 का भरो पेट्रोल

शहर के पेट्रोल पंपों पर कई दुपहिया वाहन चालक इस मानसिकता के साथ पहुंचते हैं कि राउण्ड फीगर में पेट्रोल भरवाने पर पेट्रोल पंप पर तेल चोरी की आशंका रहती है यानी सीधा 100, 200 या 300 का तेल भरवाने पर गाड़ी में पेट्रोल-डीजल कम आता है। इसी मानसिकता के चलते कई वाहन चालक 330, 125, 170 जैसी राशियों में तेल भरवाते हैं। हाल ही में पेट्रोल की कीमत 82 रुपए प्रति लीटर थी। शहर के कई पम्पों पर कुछ वाहन चालक केवल एक लीटर पेट्रोल भरने की जिद पर अड़े रहे थे। दो रुपए खुल्ले नहीं होने पर सेल्समैन ने 85 या 100 का तेल डालने का अनुरोध किया लेकिन वे नहीं माने। इसको लेकर भी कई जगह नोक झोंक हुई।

सभी पेट्रोल पम्प फुली ऑटोमेटेड


शहर में तीनों कम्पनियों हिंदुस्तान पेट्रोलियम, भारत पेट्रोलियम और इंडियन ऑयल के 25 से अधिक आउटलेट का संचालन किया जाता है। इसमें से तीन-चार आउटलेट का संचालन खुद कम्पनी करती है। शहर के सभी पेट्रोल पम्प फुली ऑटोमेटेड है। पेट्रोल पंप का नोजल व पूरा डिलिवरी सिस्टम कम्प्यूटराज्ड है और वह तेल कम्पनी के सर्वर से जुड़ा हुआ है। प्रतिदिन रात 12 बजे प्रत्येक पेट्रोल पंप का डेटा कम्पनी के सर्वर में ट्रांसफर हो जाता है। इसमें डिलिवरी समय, डिलिवर्ड किया गया पेट्रोल-डीजल और उसकी मात्रा का अंकन होता है। वाहन चालक की शिकायत पर कम्पनी कभी भी उस डाटा का उपयोग करके संबंधित पेट्रोल पंप का झूठ पकड़ सकती है। अगर ग्राहक संतुष्ट नहीं है तो वे स्वयं पेट्रोल पंप के अंदर जाकर कम्प्यूटराइज्ड सिस्टम को देख सकते हैं। अधिकांश पेट्रोल पंपों पर कम्प्यूटराइज्ड बिल दिया जाता है।

शून्य नहीं देखने पर ही तेल चोरी की आशंका


पेट्रोल पंप पर स्थित डिलिवरी मशीन के रीडिंग मीटर में शून्य देखकर ही अपनी गाड़ी में पेट्रोल डीजल भरवाना चाहिए। अगर यहां वाहन चालक शून्य नहीं देखता है और उसके बाद तेल कम डालने की शिकायत करता है तो यह स्वयं वाहन चालक की जागरुकता में कमी दर्शाता है।

कम्पनी में शिकायत करें

कुछ वाहन चालक मोबाइल से वीडियो बनाकर सोशल प्लेटफॉर्म पर डाल रहे हैं। वे हमारी छवि खराब करने पर तुले हैं। अगर किसी वाहन चालक को शिकायत है तो वह तेल कम्पनी के पोर्टल, टॉल फ्री नम्बर या ई-मेल के जरिए शिकायत कर सकता है। अनावश्यक शिकायतों से हम लोग परेशान हो गए हैं।
जितेंद्र शर्मा, जिला सचिव, राजस्थान पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन



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