अविनाश केवलिया/जोधपुर. जोधपुर के सियासी रण में कांग्रेस-भाजपा के प्रत्याशियों ने चुनाव जीतने के लिए दमखम लगाना शुरू कर दिया है। लग्जरी गाडिय़ों के काफिले में यह प्रचार अभियान शुरू हो चुका है, लेकिन हैरानी की बात यह है कि कई प्रत्याशियों के पास खुद के वाहन भी नहीं हैं। नामांकन के साथ दिए गए शपथ पत्र में इस बात का खुलासा किया गया है। कई प्रत्याशियों ने हिन्दू संयुक्त सम्पत्ति (एचयूएफ) व पैतृक सम्पत्ति के नाम पर करोड़ों रुपए दर्शा रखे हैं।
यूं समझें रियल लाइफ और एफिडेविट के अंतर को
- सरदारपुरा विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस प्रत्याशी अशोक गहलोत दो बार मुख्यमंत्री रहे। कांग्रेस के दिग्गज नेता, 45 साल से अधिक राजनीतिक कॅरियर लेकिन खुद के नाम से कोई वाहन नहीं।
- सरदारपुरा सीट से भाजपा प्रत्याशी शम्भूसिंह खेतासर सबसे अधिक सम्पत्ति वाले हैं। खुद के पास 18 करोड़ से अधिक की सम्पत्ति है। पत्नी के पास भी करोड़ों की सम्पत्ति। घूमते भी लग्जरी वाहन में हैं, लेकिन खुद के नाम कोई गाड़ी नहीं है।
- भोपालगढ़ से भाजपा प्रत्याशी व राज्य मंत्री कमसा मेघवाल के पास सिर्फ दो बाइक हंै। चार पहिया वाहन के नाम पर कुछ नहीं।
- सूरसागर से भाजपा प्रत्याशी सूर्यकांता व्यास सातवीं बार मैदान में है। पांच बार विधायक रह चुकी है। लेकिन खुद के नाम कोई वाहन नहीं है।
- लूणी से भाजपा प्रत्याशी जोगाराम पटेल और उनकी पत्नी करोड़ों की सम्पत्ति की मालिक है। लेकिन इनके पास भी कोई वाहन नहीं है।
- शहर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी अतुल भंसाली व उनकी पत्नी दोनों के पास कुल 13 करोड़ से अधिक की सम्पत्ति लेकिन खुद की कोई गाड़ी नहीं है।
- ओसियां से कांग्रेस उम्मीदवार व मदेरणा परिवार की सदस्य दिव्या मदेरणा खुद करोड़ों की सम्पत्ति की मालकिन हैं। कई बड़ी-बड़ी गाडिय़ों में घूमती हैं लेकिन इनके नाम एक भी वाहन नहीं है।
- शेरगढ़ से कांग्रेस प्रत्याशी मीना कंवर के पास भी करोड़ों की सम्पत्ति है। उनके पति दो बार से कांग्रेस प्रत्याशी रहे, लेकिन उनके पास भी खुद का कोई वाहन नहीं है।
- जिले के सभी प्रत्याशियों में से सबसे कम सम्पत्ति वाली कांग्रेस की शहर विधानसभा क्षेत्र की उम्मीदवार मनीषा पंवार के पास भी खुद का कोई वाहन नहीं है।
सम्पत्ति से जुड़ी कुछ रोचक बातें
- पूर्व मुख्यमंत्री गहलोत के पास कई सालों से सिर्फ आधा तोला सोना ही है।
- खेतासर के पास जितनी सम्पत्ति है उतनी हिंदू संयुक्त परिवार (एचयूएफ) में दर्शा रखी है। कई लग्जरी गाडिय़ां भी इसी एचयूएफ फंड में दर्शाई है।
- शेरगढ़ प्रत्याशी बाबूसिंह राठौड़ के पास पांच साल पहले तक करोड़ों की अचल सम्पत्ति थी। लेकिन इस बार उन्होंने पत्नी के नाम अचल सम्पत्ति दर्शा दी है।
- फलोदी भाजपा प्रत्याशी पब्बाराम को सोने का शौक नहीं है। एक भी सोने का आइटम नहीं है।
- लोहावट भाजपा प्रत्याशी व मंत्री गजेन्द्रसिंह खींवसर ने राजशाही अंदाज दर्शाया है। उनके पास चांदी के बर्तनों का सेट है।
- लोहावट से कांग्रेस प्रत्याशाी किसनाराम लाखों की सम्पत्ति के मालिक है। लेकिन सोने का आभूषण नहीं रखते।
- पहली बार चुनावी मैदान में उतरने वाले सूरसागर से कांग्रेस के प्रत्याशी अयूब खां के पास एक करोड़ से अधिक सम्पत्ति है। लेकिन एक भी आभूषण नहीं है।
एक नजर में सम्पत्ति स्कैन
- 13 करोड़पति प्रत्याशी हैं जिले में।
- 9 प्रत्याशियों के पास खुद का वाहन नहीं।
- 3 प्रत्याशी ऐसे जो खुद सोने के आभूषण नहीं रखते।
- 18 करोड़ से अधिक की सम्पत्ति अकेले खेतासर के पास जो जिले में सबसे अमीर प्रत्याशी।
- 9 लाख की सम्पत्ति कांग्रेस शहर प्रत्याशी मनीषा पंवार के खुद के नाम जो जिले में सबसे कम है।
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