जोधपुर.
रणसी गांव में जातीय पंचायत ने प्रेम विवाह करने पर युवक के परिजनों से चार लाख आर्थिक दंड वसूल कर समाज से बहिष्कृत करने की धमकी दे डाली। घटना के करीब दो माह बाद 3 नवंबर को पीडि़त पक्ष ने पंचों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है।
इस मामले में सोमवार को पुलिस ने विवाहिता के बयान दर्ज किए हैं। थाना प्रभारी राजीव भादू ने बताया कि परिवाद के मुताबिक मनोहर बुडानिया ने अपने ही गांव की एक पढ़ी-लिखी युवती से प्रेम विवाह कर लिया। इस पर जातीय पंचायत ने मनोहर के पिता मेहराम को 27 अगस्त 2018 को भगासनी गांव के रामदेवरा मंदिर में बुलाया। वहां पंचों ने उन्हें भला बुरा कहा और चार लाख के आर्थिक दंड का फरमान सुना दिया। साथ ही कहा कि पंचों ने जो कहा है, उसे ही कानून मानते हुए दंड की राशि जल्द जमा करवाओ, अन्यथा अपने आप को समाज से बहिष्कृत समझना।
परिवाद के अनुसार दूसरे ही दिन मनोहर के पिता और सगे संबंधियों ने चार लाख की व्यवस्था कर पंचों को सौंप दिए। चार लाख वसूलने के बाद पंचों ने फिर एक नया फरमान सुनाते हुए कहा कि जिस परिवार की बेटी ने तुम्हारे बेटे के साथ शादी की है, उस परिवार के बेटे से तुम्हारी या तुम्हारे रिश्तेदार की बेटी की शादी करानी होगी। इसी बात को लेकर जातीय पंच परिवार पर लगातार दबाव बना रहे हैं।
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