फलोदी निवासी २6 वर्षीय रीना पंवार ने कक्षा 1 से 11 वीं तक की पढ़ाई फलोदी से ही की थी तथा 12 वीं के साथ आईआईटी की कोचिंग के लिए जोधपुर में अध्ययन किया। कक्षा 12 वीं में 84.62 प्रतिशत प्राप्त कर 2011 में रीना का आईआईटी में चयन हुआ तथा आईआईटी कानपुर से बी.टेक सिविल इंजीनियरिंग में उत्तीर्ण की। 2015 में बी.टेक. उत्तीर्ण करने के बाद रीना ने दो वर्ष 2017 तक वोडाफोन इंडिया में प्रबंधक के पद पर कार्य किया, लेकिन रीना का लक्ष्य तो आईईएस था। जिसके चलते उसने नौकरी छोड़ सैल्फ स्टडी व टेस्ट सीरीज से दिल्ली में ही रहकर पढ़ाई की और अब कड़ी मेहनत से आईईएस में देश में सिविल ब्रांच से 116 वी रैंक हासिल की है।
रीना ने अपनी सफलता का श्रेय माता पदमा, पिता हरिराम पंवार, बहनों व भाईयों से कदम-कदम पर मिले सहयोग और प्रेरणा को दिया। रीना ने बताया कि आईईएस की तैयारी के लिए रोजाना १० घण्टे नियमित अध्ययन किया। रीना ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि मुझे जिस तरह परिवार से सहयोग मिला है, उसी का नतीजा है कि मैं आज इस मुकाम तक पंहुच पाई हूं। उन्होंने हर परिवार को बालिकाओं को अध्ययन करवाकर सफल बनाने में सहयोग करने की अपील भी की।
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