धुंधाड़ा/जोधपुर. सूखी पड़ी खेळियां, खाली पड़े तालाब, पानी के लिए भटकते बच्चे, ग्रामीण व पशु तथा प्रशासन से समस्या समाधान की आस लगाए बैठे ग्रामीण...। कुछ ऐसे ही हालात है पंचायत समिति लूणी क्षेत्र के दहिपड़ा खिचियान ग्राम पंचायत क्षेत्र में, जहां जलदाय विभाग की ओर से पर्याप्त पेयजल आपूर्ति नहीं किए जाने से यहां रहने वाले ग्रामीणों के साथ ही पशु-पक्षियों को भी पेयजल के लिए तरसना पड़ रहा है। स्थिति यह है कि गांव के बच्चों को स्कूल जाने से पहले पानी की बोतल भरने के लिए दौड़धूप करनी पड़ती है, क्योंकि स्कूल में इसी बोतल से उन्हें प्यास बुझानी पड़ती है। करीब पांच हजार की आबादी वाले इस गांव में लगभग आठ हजार पशु हैं, जिन्हें जलदाय विभाग की अनदेखी के चलते पानी के अभाव में जान गंवानी पड़ रही हैं। राउमावि
टैंकरों से बुझा रहे प्यास
पानी की पर्याप्त सप्लाई के अभाव में ग्रामीणों को मनमाने दामों पर पानी के टैंकर मंगवाकर अपनी प्यास बुझानी पड़ रही है। ग्रामीणों ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए बताया कि गांव में कई माह से पानी की सप्लाई नहीं के बराबर होने से गांव में पेयजल संकट के भीषण हालात उत्पन्न हो गए है। ग्रामीण बताते हैं कि पानी की सप्लाई लूणावास भाखर से होती है, लेकिन बीच में लोगों ने अवैध कनेक्शन कर रखे हैं, जिससे ग्रामीणों को पानी नसीब नहीं हो रहा है। विभाग द्वारा सप्ताह में एक या दो बार पानी छोड़ा जाता है, जिससे पशुओं के लिए बनी खेळी भी बड़ी मुश्किल से भरती है।
ग्रामीणों की जुबानी
गांव में पानी की विकट समस्या है, जिससे पशु-पक्षी भी बेहाल हैं। जनप्रतिनिधियों व जलदाय विभाग के आला अफसरो ंको कई बार समस्या बताई, लेकिन समस्या जस की तस है।
- गोपसिंह
पानी के लिए जगह-जगह भटकना पड़ रहा है, लेकिन पानी नसीब नहीं हो रहा है। सदि समय रहते पानी की समस्या का समाधान नहीं हुआ तो गांव में एक भी जानवर जिंदा नहीं बच सकेगा।
- सायरी देवी
पानी की भीषण समस्या को लेकर कई बार जलदाय मंत्री, विधायक व जलदाय विभाग के आला अधिकारियों को अवगत करवाया, लेकिन आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिला।
-संतोष गिरि, सरपंच, दहिपड़ा खिचियान
यह बोले जिम्मेदार
जितनी सप्लाई आगे से आती है, वह हम दे रहे हैं। इससे ज्यादा सप्लाई के लिए उच्च अधिकारियों को बताना होगा।
- पारख प्रकाश, कनिष्ठ अभियंता, जलदाय विभाग
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