जोधपुर. राजस्थान पत्रिका चेंजमेकर अभियान के तहत पिछले दिनों अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रवार हुई बैठकों में स्थानीय लोगों ने अपने मुद्दे बताए। एक क्षेत्र में करीब तीन से चार अलग-अलग बैठकों में जो मुद्दे निकल कर आए वह आपके सामने हैं। सरदारपुरा विधानसभा क्षेत्र जो कि पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोता का क्षेत्र वहां की जनता ने जो मुद्दे बताए वह इस प्रकार है...।
1. जल निकासी की व्यवस्था अच्छी नहीं है। बरसाती पानी नाडियों और तालाबों में आने की बजाय सडक़ों पर जमा होकर लोगों की परेशानी बढ़ाता है। मगरा-पूंजला, लालसागर, मंडोर क्षेत्र में यह समस्या कई वर्षों से बनी हुई है।
2. सफाई व्यवस्था ठीक नहीं है। मॉनिटरिंग की कमी है। यदि शिकायत भी करते हैं तो समय पर सुनवाई नहीं होती। एक ऐसा सिस्टम हो जिससे कि सफाई नहीं होने पर तुरंत ही शिकायत सुनी जाए और कुछ ही घंटों में समाधान हो।
3. इस विधानसभा क्षेत्र का बाहरी हिस्सा जिसमें मगरा-पूंजला व अन्य पहाड़ी क्षेत्र वहां अवैध बस्तियां बस रही है। इनको राजनीतिक संरक्षण भी मिल जाता है। इसी से अपराध भी बढ़ता है। इसका स्थाई समाधान होना चाहिए।
4. अवैध रूप से शराब की बिक्री होती है। बाहरी क्षेत्र की कई कॉलोनियों में शाम के बाद महिलाएं घर से बाहर नहीं निकल सकती। शराबियों का जमावड़ा सडक़ व चौक पर हो जाता है। अशांति के कारण झगड़े भी हो रहे हैं।
5. क्षेत्र में एक सरकारी महाविद्यालय और महिला महाविद्यालय की आवश्यकता है। यहां विद्यार्थियों को कई किलोमीटर का सफर तय करना होता है।
6. नई सडक़ें जो बनी है उनका लेवल काफी ऊपर है। सडक़ों के ऊपर सडक़ें बनने से गलियों का पानी भी क्रॉस कर दूसरी ओर नहीं जा पाता। ऐसे में हल्की सी बारिश के कारण ही लोगों के घरों के बाहर पानी भर जाता है।
7. मुख्य सडक़ों की स्थिति बदहाल है। कई प्रमुख सडक़ों के साथ ही गलियों में कई सालों से नई सडक़ें नहीं बनी। कुछ जगह जरूर काम हुआ लेकिन वह भी राजनीतिक इच्छा शक्ति के कारण लोगों की समस्या दूर नहीं कर सका।
8. कई क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता नहीं है। रात्रि गश्त की हालत ऐसी है कि मुख्य चौराहों तक ही पुलिसकर्मी जमे रहते हैं। जबकि गलियों में होने वाली गश्त अब बंद हो गई है। इससे चोरी व अन्य घटनाएं बढ़ गई है।
9. जो भी जनप्रतिनिधि क्षेत्र से चुन कर आए वह लिखित में शपथ पत्र दे कि जो वादे चुनाव से पहले कर रहे हैं या जो मांगें आम जन ने की है वह विधायक बनने के बाद उसे पूरा करवाएंगे। वरना बाद में कोई सुनवाई नहीं होती।
10. नागादड़ी से सुरपुरा बांध तक आने वाली नहर गंदगी से अटी पड़ी है। इसकी सफाई होनी चाहिए। ताकि बारिश के पानी का सदुपयोग हो और मोहल्लों में भी बाढ़ के हालात नहीं बनें।
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