पता कराओ भोमाराम क्यों मरा? हाईकोर्ट का एसपी (ग्रामीण) को निर्देश

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जोधपुर.

राजस्थान हाईकोर्ट ने जोधपुर जिले के मतौड़ा थाना क्षेत्र के पड़ासला में एक ई-मित्र संचालक की आत्महत्या से सम्बंधित याचिका की सुनवाई करते हुए सोमवार को पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) को याचिकाकर्ता की ओर से पेश आवेदन पर विचार करने के साथ मामले की नियमानुसार निष्पक्ष और कड़ी जांच करवाने के निर्देश दिए हैं।

जस्टिस डॉ. पुष्पेन्द्रसिंह भाटी ने याचिकाकर्ता कुम्भाराम की ओर से दायर याचिका का निस्तारण करते हुए जारी आदेश में लिखा कि यदि याचिकाकर्ता इस आदेश के दस दिन के अंदर मामले से सम्बंधित सभी दस्तावेजों के साथ ज्ञापन पेश करते हैं तो उस पर सुप्रीम कोर्ट की नजीरों और कोर्ट में सुनवाई के दौरान अभियोजन अधिकारी की ओर से दिए आश्वासन के अनुसार विचार कर नियमानुसार कड़ी व निष्पक्ष कार्रवाई करें।


याचिकाकर्ता की ओर से दिनेश जैन ने बताया कि पड़ासला में ई-मित्र कियोस्क संचालित करने वाले याची के भाई भोमाराम से कोई गलती हो गई थी। इस पर गांव के सरपंच और ग्रामसेवक ने उसे डराया-धमकाया था।

इसके चलते भोमाराम ने गत 4 अगस्त को आत्महत्या कर ली। इसकी रिपोर्ट मतौड़ा थाने में दर्ज कराई गई लेकिन मामले की जांच सही ढंग से नहीं हो रही।

याचिकाकर्ता ने अदालत से जांच अधिकारी बदलने व मामले की निष्पक्ष और शीघ्र जांच कराने का आग्रह किया था। इस पर अभियोजन अधिकारी ने कहा कि याचिकाकर्ता 10 दिन में ग्रामीण एसपी के समक्ष मय सभी दस्तावेज आवेदन पेश करेंगे तो मामले की जांच के दौरान जांच अधिकारी बदलने के आवेदन पर विचार किया जा सकता है।

प्रतिवेदन पेश


याचिकाकर्ता ने बताया कि कोर्ट के आदेश की सत्यापित प्रति और एफआइआर की प्रति के साथ पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) को प्रतिवेदन पेश कर दिया है।

 



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