सिर्फ वोट बटोरने के लिए करते हैं वादें, फलोदी को जिला बनाना है चुनावों में होता है बड़ा मुद्दा

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महेश कुमार सोनी/फलोदी. बाजार में चल रही चुनावी चर्चाओं के बीच पत्रिका टीम ने ‘साल्ट सिटी’ के नाम से मशहूर फलोदी विधानसभा क्षेत्र के लोगों से आगामी चुनाव के मुद्दों पर नब्ज टटोलने का प्रयास किया, तो लोगों ने अपना दर्द बयां करते हुए कहा कि अब तक चुनावों में फलोदी को जिला बनाने के मु्द्दे पर उम्मीदवार केवल वादों से वोट बटोरते रहे, लेकिन अब हम इन बातों में नहीं आएंगे। खींचन में आने वाले प्रवासी पक्षी कुरजां की तरह फिर आने का वादा नहीं, हमारे मुद्दों पर काम चाहिए। फलोदी में प्रशासनिक व पुलिस महकमे पर नजर डालें तो यहां जिले का आधार तो बन चुका है, लेकिन अब तक फलोदी को जिला क्यों नहीं बनाया गया?

इन दिनों सुबह क्षेत्र में हल्की ठण्ड तो शुरू हो गई। पत्रिका टीम भी हल्की ठण्ड के बीच लोगों से चुनावी मुद्दों पर चर्चा के लिए निकल पड़ी। वेदों का वास में मिले सुरेश कुमार ने कहा कि फलोदी में पिछले लम्बे समय से कई घरों में दूषित जलापूर्ति हो रही है और लोग ऐसा पानी पीने को मजबूर है, जिससे श्वास, त्वचा सहित कई प्रकार की बीमारियां हो रही हैं। यहां से रवाना होकर हम फलोदी के केन्द्रीय बस स्टेण्ड पंहुच गए, तो देखा वहां दुकानों की नियमित साफ-सफाई के बाद दुकानदार बाहर बैठकर चुनावी हथाई में मशगूल थे। इतने में हम भी उनके बीच पंहुच गए और चर्चा में शामिल हो गए। खास बात ये है कि फलोदी में लोग खाने के काफी शौकीन है, तो कुछ ही समय बाद हथाई में फलोदी के प्रसिद्ध गाळ के लड्डू, चूरमा, कचौरी व मिर्चीबड़ा भी आ गया। अब मिठाई और नमकीन के बीच चुनावी चर्चाओं ने और जोर पकड़ लिया और कुछ ही देर में अन्य जागरूक लोग भी जुड़ गए।

वहां उपस्थित राजीव ने शहर में लगातार बढ़ रहे ट्रैफिक के कारण हो रही जाम की समस्या बताई और शहर में यातायात पुलिस के माकूल प्रबंधन का मुद्दा रख दिया। अगर शहर के नई सडक़ की बात करें तो यहां हालात ये कि यह पूरी सडक़ बैंकों से भरी हुई है। बैंकों के पास पार्किंग की व्यवस्था ही नहीं है। जिससे इस सडक़ से गुजरना किसी संघर्ष से कम नहीं है। फिर तो लोगों ने अपना दिल खोलकर मुद्दे रखने शुरू कर दिए। रोशन सुथार ने कहा कि फलोदी में चिकित्सा व्यवस्थाओं के हालात काफी खराब है। यहां अस्पताल से मरीजों का उपचार कम व रैफर ज्यादा होते हैं। फलोदी में उच्च स्तरीय चिकित्सा व्यवस्थाएं होनी चाहिए। साथ ही सडक़ हादसों में घायलों को तत्काल उपचार मुहैया करवाने के लिए ट्रोमा सेंटर भी खोला जाना चाहिए। इस दौरान प्रेम बोहरा व रमेश व्यास ने कहा कि फलोदी शहर व आस-पास के इलाकों में पिछले कुछ समय में स्मैक सप्लायरों ने बड़े स्तर पर जाल फैला दिया है। यहां स्मैक पर पूर्ण अंकुश नहीं लगा तो यहां की युवा पीढ़ी हमारी आंखों के सामने बर्बाद हो जाएगी। इसी बीच नरेन्द्र गिरी ने फलोदी जिले का मुद्दा भी रख दिया, तो वहां मौजूद सभी लोगों ने एक स्वर में फलोदी को इतने सालों बाद भी जिला नहीं बनाने का दर्द बयां किया और जिले की मांग को पूरा करने की बात को सरकार तक मजबूती से पंहुचाने की बात कही।

चुनावी चर्चा में वहां से गुजर रहे छात्र संघ अध्यक्ष सोहनलाल विश्नोई ने कहा कि फलोदी के राजकीय महाविद्यालय में पीजी में कॉमर्स व साइंस नहीं होने से विद्यार्थियों को उच्च अध्ययन के लिए बाहर जाना पड़ता है। फिर बरकत कॉलोनी निवासी सतार ने कहा कि हमारे इलाके में बनाई गई सीवरेज लाइन आए दिन चॉक हो जाती है और गंदा पानी सडक़ों पर बहने लगता है। मोडाराम मेघवाल ने कहा कि शहर के कुछ इलाकों में बनाई सीवरेज लाइन लोगों के लिए मुसीबत बनी हुई है तो वहीं दूसरी तरफ पूरे शहर में सीवरेज लाइन प्रोजेक्ट को स्वीकृति मिलनी चाहिए। वहीं मुकेश सामरिया ने कहा कि यहां के विद्यार्थियों को बीएड करने के लिए अन्य शहरों का रुख करना पड़ता है। ऐसे में फलोदी में बीएड कॉलेज होना चाहिए। आगे बढ़े तो पुलिस थाना रोड पर सोलर एनर्जी विशेषज्ञ जितेन्द्र सोनी मिल गए, उन्होंने कहा कि शहर के पुराने विद्युत तंत्र में सुधार होना चाहिए। जिससे लोगों को निर्बाध विद्युत आपूर्ति मिल सके।

फलोदी के बाद जब हम 8 किमी का सफर तय कर फलोदी-जोधपुर स्टेट हाइवे पर लोर्डियां पहुंचे तो स्टेशन पर चाय की दुकान पर मिले विजय जोशी सरकार से नाखुश दिखे और बेरोजगारी व भ्रष्टाचार की समस्या बताई। कमला रंगा ने फलोदी जिले व यहां चिकित्सा व्यवस्थाओं में सुधार का मुद्दा रखा।

इसलिए फलोदी है खास


- मलार व बाप रिण में नमक उत्पादन।
- भड़ला सोलर पार्क।
- वायुसेना स्टेशन
- फलोदी के प्रसिद्ध गाळ के लड्डू व चूरमा।
- लटियाल माता मंदिर व प्राचीन किला।
- प्रवासी पक्षी कुरजां का खीचन में शीतकालीन प्रवास।

कुल मतदाता - 2,28,155
महिला-107597
पुरुष-120558
18-19 आयु वर्ग के मतदाता- 9675
मतदान केन्द्र - 250
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2013 का परिणाम
कुल वैद्य मत पड़े- 139057
पब्बाराम विश्नोई (भाजपा) - 84465
ओम जोशी (कांग्रेस) - 50294

जीत का अंतर - 34171
नोटा- 2556



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