देणोक. पल्ली ग्राम पंचायत में मानवीय संवेदना को झकझोर करने वाली तस्वीर सामने आई। जो सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं पर भी सवाल उठा रही है। यह एक ऐसे परिवार की दास्तां है जिसे देखकर हर पत्थर दिल भी पसीज जाएगा। ग्राम पंचायत पल्ली गांव तलियां स्थित बद्रीराम ब्राह्मण के दो बेटे नथमल २६ व बक्साराम २० जो जवानी की उम्र में और अपने माता-पिता का बोझ हल्का करने की उम्र में यह दोनों जवान भाई मानसिक बीमारी के चलते उल्टे माता-पिता के बोझ बन कर रह गए। शरीर में तंदुरस्त इन युवाओं की ङ्क्षजदगी अब बेडिय़ों में बंदी गुजर रही है, गरीबी का दंश झेल रहे इनके परिवार जैसे-तैसे करके घर का गुजारा चला रहे है।
पिछले दस सालों से एक ही जगह में कैद
समाज सेवी अशोक कड़वासरा ने बताया कि बद्रीराम ब्राह्मण के घर दोनों बेटे नथमल एवं बक्साराम पिछले दस साल से घर में बनी एक कोठरी में लोहे की बेडिय़ों में जकड़े है। इन्होंने बताया कि दस साल पूर्व उसके बड़े बेटे नथमल ने अचानक अटपटी हरकतें करना शुरू करी तो उन्होंने अपने बेटे को जोधपुर सरकारी अस्पतालों में ले गए लेकिन फर्क नहीं पड़ा। दूसरा छोटा बेटा बक्साराम स्कूल में अध्यापन करने जा रहा था तभी उसका भी मानसिक संतुलन खराब हो गया। एेसे में परिवार पर अचानक दु:खों का पहाड़ टूट पड़ा ओर आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने से उनका इलाज ढंग से नहीं होने से वे दस साल से बेडिय़ों में बंधे है। परिजनों ने बताया कि बेडि़या खोलने पर वे किसी के भी साथ मारपीट जैसी हरकत कर देते है।
पूरा परिवार जनकल्याणकारी योजनाओं से वंचित
गांव मेंं रहने वाले इस गरीब परिवार को सरकारी योजनाओं में जैसे मुख्यमंत्री आवास, प्रधानमंत्री आवास सहित अन्य कई योजनाओं का क्रियान्वयन किया जा रहा है। लेकिन इस परिवार के सदस्यों के लिए यह योजनाएं अब भी दूर की कोड़ी है। परिजनों ने कई बार गुहार लगाई लेकिन कोई दिलचस्पी नहीं दिखा रहे है। एेसे में यह परिवार आज भी वंचित है। निसं.
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