जोधपुर।
राजस्थान हाइकोर्ट में जस्टिस पुष्पेंद्र सिंह भाटी ने गांव में सार्वजनिक मार्ग के लिए एक खातेदार द्वारा अपनी जमीन सरकार को समर्पित करने के मामले में सहयोग करने वाले याचिका कर्ता वकील की गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक लगाने के साथ नोटिस जारी कर 4 सप्ताह में जवाब तलब किया है।
याचिका कर्ता की ओर से अधिवक्ता यशपाल खिलेरी ने कहा कि याची सामाजिक कार्यकर्ता है और एक राजनीतिक दल से जुड़ा है। उन्होंने कहा कि स्थानीय विधायक को यह कार्य पसंद नहीं आया और समर्पणकर्ता पर दबाव डाल कर याचिका कर्ता के खिलाफ धोखाधड़ी की धाराओं में एफआइआर दर्ज करवा दी।
यह था मामला
जोधपुर जिले की शेरगढ़ तहसील के सोलंकियां तला गांव में एक दलित दम्पत्ति ने अपनी खातेदारी की जमीन में से रास्ता निकालने के लिए ०.10 बिस्वा भूमि समर्पित की। इसके लिए किए गए विधिक कार्य मे अधिवक्ता दाऊराम मेघवाल ने सहायता की।
लेकिन बाद में समर्पणकर्ता बदल गए और वकील पर धोखाधड़ी कर जमीन हड़पने का मामला दर्ज करा दिया। याचिकाकर्ता का कहना था कि सार्वजनिक मार्ग के लिए समर्पित जमीन के दस्तावेज खुद तहसीलदार ने स्वीकार किए थे।
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