जोधपुर. चुनावी मौसम में वोट बैंक मजबूत करने के लिए शुरू हुए काम अब जनता के लिए ही मुसीबत बन गए हैं। कई क्षेत्रों में सीवरेज और सडक़ बनाने के काम तो शुरू करवा दिए, लेकिन कई काम रूक गए हैं। हालांकि प्रशासनिक स्तर पर बजट या अन्य समस्या तो सामने नहीं आई, लेकिन प्रमुख समस्या मॉनिटरिंग की है। आचार संहिता लगते ही अब मॉनिटरिंग अधिकारियों के हाथ आ गई है।
बड़े नेताओं ने अपने वार्ड कार्यकर्ताओं की बात मानते हुए पिछले तीन माह में कई स्वीकृतियां जारी की। नगर निगम और जोधपुर विकास प्राधिकरण ने एक के बाद एक लगातार कई कार्य बीते दिनों शुरू किए। अब पिछले कुछ दिन में आचार संहिता लगने के बाद कई जगह अघोषित रूप से काम रोक दिया गया है। ठेकेदारों पर मॉनिटरिंग करने वाले नेताजी अब आचार संहिता लगते ही अधिकारविहीन हो गए हैं। ऐसे में अब सीधे अधिकारियों के पास मॉनिटरिंग हैं। खास बात यह है कि जनता अब यदि शिकायत लेकर नेताओं के पास जाती भी है तो उन्हें भी संबंधित अधिकारियों से ही गुहार लगानी पड़ती है। ऐसे में न तो फील्ड मॉनिटरिंग हो रही और न ही कामों को गति मिल रही।
यहां खुदी पड़ी है सडक़ें
- उम्मेद चौक-गोलनाडी सडक़ पिछले 15 दिन से खुदी पड़ी है। काम रूका है।
- मसूरिया क्षेत्र में बलदेव नगर में डामरीकरण का काम आधा कर छोड़ दिया गया है।
- मेड़ती गेट क्षेत्र में सडक़ पिछले कई समय से खुदी पड़ी है, लेकिन कोई पूरा करवाने वाला नहीं है।
- पब्लिक पार्क के पीछे भी सडक़ खुदी पड़ी है।
- अजय चौक क्षेत्र में भी सडक़ खुदी पड़ी है।
- चांदपोल क्षेत्र में भी सीवरेज लाइन डाली गई, लेकिन बाद में सडक़ नहीं बनाई गई।
- रातानाडा पुलिस लाइन के सामने सडक़ खुदी पड़ी है। सीवरेज का काम भी काफी समय से मंथर गति से चल रहा है।
इनका कहना है
जो काम शुरू किए हैं वह पूरे होंगे। सामग्री की कमी के कारण कहीं हो सकता है काम अटके हों। लेकिन हमारे अधिकारी पूरी मॉनिटरिंग कर रहे हैं।
- दुर्गेश बिस्सा, आयुक्त, नगर निगम व जेडीए
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