जोधपुर. राजधानी जयपुर में जीका के बढ़ते प्रकोप के बाद जोधपुर शहर में भी खतरे की घंटी बज गई है। डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज में डेंगू व चिकनगुनिया मरीजों की जांच के साथ जीका वायरस की भी स्क्रीनिंग की जा रही है। चिकित्सक इस बात को मान रहे हैं कि जोधपुर के लोगों का जयपुर में लगातार आवागमन के चलते शहर में खतरा बढ़ा हुआ है। इस आवागमन को देखते हुए जोधपुर के अस्पताल भी अलर्ट हो गए है। डेंगू-चिकनगुनिया सैंपल की जांच के साथ जीका वायरस की स्क्रीनिंग भी डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबायोलोजी विभाग में की जा रही है। कॉलेज प्रिंसिपल डॉ. एसएस राठौड़ ने बताया कि जिला प्रशासन के एनआईसी में जीका वायरस को लेकर वीडियो कांफ्रेंसिंग भी आयोजित की जाएगी। जीका वायरस को लेकर कॉलेज अपने स्तर पर सतर्क है। पिछले साल तक कोई केस सामने नहीं आया था। सीएमएचओ डॉ. सुनील बिष्ट ने बताया कि जीका वायरस की सारी गाइड लाइन हमने सभी जगह भेज दी है। आशंका है कि जोधपुर में वायरस आ सकता है।
ये है लक्षण
डेंगू व चिकनगुनिया जैसी बीमारियों जैसा है जीका वायरस। इसमें तेज बुखार, ज्वॉइंट पैन, आंखों में एलर्जी व सिर दर्द होना जैसे प्रमुख लक्षण हैं। ये लक्षण एक सप्ताह तक बॉडी में रहते हैं।
डॉक्टर का कहना
जीका वायरस का वाहक एडिस मच्छर है। जोधपुर-जयपुर लोगों का आना-जाना काफी है। आशंका है कि वायरस जोधपुर आ सकता है या आ चुका होगा। हालांकि ये ज्यादा खतरनाक वायरस की श्रेणी में नहीं है। इसमें जोड़ों का दर्द व बुखार आना सहित कई कॉमन लक्षण है।
- डॉ. मनोज लाखोटिया, विभागाध्यक्ष, मेडिसिन विभाग, डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज
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