धरे रह गए मुख्यमंत्री बजट घोषणा के कार्य, निविदाएं लगाने के बावजूद अटके पड़े हैं 4 करोड़ के विकास कार्य

पोस्ट पसंद आये तो लाइक जरुर करे ?

अभिषेक बिस्सा/जोधपुर. मुख्यमंत्री बजट घोषणा के तहत जोधपुर शहर में करवाए जाने वाले सीसी व सीवरेज कार्य भी नगर निगम में अटके पड़े हैं। दो-दो करोड़ रुपए के कामों के लिए निगम निविदा पर निविदा लगा रहा है, लेकिन कोई संवेदक नहीं आ रहा है। दूसरी ओर आचार संहिता लगने में कुछ दिन शेष हैं। इसके बाद बामुश्किल से काम होने हैं। जबकि सरदारपुरा विधानसभा क्षेत्र के एक पैकेज की वित्तिय बीड बुधवार को खुली है। शहर विधानसभा व सूरसागर विधानसभा क्षेत्र में लगभग 4 करोड़ रुपए के विकास कार्य बाकी हैं। इन हालातों में नगर निगम से अपने क्षेत्र में विकास कराने के इच्छुक आमजन काम शुरू होने की बांट जोह रहे हैं।

 

टुकड़े-टुकड़े में काम देते तो मिलता फायदा

मुख्यमंत्री बजट घोषणा के कार्यों के लिए निगम ने 2-3 करोड़ रुपए का पैकेज बनाया था। इसमें कई ठेकेदारों ने रुझान नहीं दिखाया। ऐसे में निगम इन कामों को लाखों रुपयों में करके वार्ड अनुसार छोटे टैंडर कर पूर्ण करवा सकता था। वहीं भीतरी शहर के कुछ वार्ड ज्यादा संकरे होने के कारण भी कई संवेदक कार्य लेने से बच रहे हैं। क्योंकि यहां परिवहन में ठेकेदारों की ज्यादा राशि खर्च हो जाती है।

 

तीनों विधानसभा में करोड़ों के विकास कार्य अटके


नगर निगम में बुधवार को वार्ड संख्या 45,61 व 55 सहित अन्य वार्डों में 2 करोड़ 23 लाख रुपए के विकास कार्य की फाइनेंसियल बीड बुधवार को खोली गई। इसमें भी टेक्निकल बीड के बाद फाइनेंसियल बीड खोलने में विलंब किया गया। सूरसागर विधानसभा क्षेत्र में 8 अक्टूबर को वार्ड संख्या 1, 12, 13, 14,15, 16, 17 व 65 में 1 करोड़ 95 लाख रुपए की निविदा खुलनी है। यह निविदा तीसरी-चौथी बार खुल रही है। यहां के लिए भी कोई संवेदक नहीं आ रहा है। इसके अलावा शहर विधानसभा क्षेत्र में वार्ड संख्या 32 से 38 व 47 48 में लगभग पौने दो करोड़ के विकास कार्य होने हैं, यहां भी री टेंडर खोले जा रहे है।

ये भी कारण

नगर निगम ने अगस्त माह के प्रथम सप्ताह में निविदाओं में तथ्यों को छुपाकर टैंडर हासिल करने वाले एक संवेदक के विरूद्व कार्रवाई कर उसे डी-बार किया था। उस समय मैसर्स मातेश्वरी कन्सट्रक्शन जोधपुर ने नगर निगम की ओर से जारी विभिन्न निविदाओं मे भाग लेते हुए सीसी सडक निर्माण, सुढृढीकरण एवं रिपेयरिंग के सात करोड़ रुपए के टैंडर ले लिए, लेकिन टैंडर की शर्तो को दरकिनार करते हुए संवेदक फ र्म ने तथ्यों को छुपाते हुए निविदाओं को प्राप्त किया था। संवेदक अमरसिंह का दावा है कि वे जेडीए में भाग नहीं ले सकते। जबकि डीएलबी ने मुझे रिव्यू पंजीयन किया है। नगर निगम उन्हें कार्य करने से गलत रोक रहा है। अन्य विभाग तो उन्हें नहीं रोक रहे है। वे इन कार्यों को लेने के इच्छुक भी है।

इनका कहना


ज्यादातर काम हो गए हैं। बाकी के चल रहे हैं। बड़े ठेकेदार छोटी गलियों में काम करने से भी कतराते हैं। इसका बजट भी अलग से रखा गया है। री-टैंडर निकाल रहे हैं। ये काम रुकेंगे नहीं, जरूर होंगे।

- संपत्त मेघवाल, एसई, नगर निगम



from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/2zPKZtC
Share on Google Plus

About Atul

This is a short description in the author block about the author. You edit it by entering text in the "Biographical Info" field in the user admin panel.

0 comments:

Post a Comment