VIDEO: फिर जमींदोज हुआ 'बहादुर', देश में सिर्फ जोधपुर में बचा है मिग-27

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जोधपुर।

राजस्थान के जोधपुर के देवरिया गांव में आज सुबह वायुसेना का फाइटर विमान गिर गया हालांकि इसमें कोई जन हानि नही हुयी। विमान के गिरते ही हडकंप मच गया और आसपास के इलाके में अफरा तफरी मच गयी। विमान के गिरने से आसपास आग लग गयी जिसे बुझाने का कार्य किया जा रहा है। हादसे की जानकारी मिलते ही सेना और स्थानीय पुलिस प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंच गये है। बताया जाता है कि विमान में पहले आग लगी और बाद में वह अनियंत्रित होकर नीचे गिर गया। विमान में सवार पायलट और सहपायलट ने खुद को बचा लिया। सेना के अधिकारी और अन्य हादसे के कारणों का पता लगाने का प्रयास कर रहे है।

 

 

देश में सिर्फ जोधपुर में बचा है मिग-27

पश्चिम बंगाल के हाशिमारा एयरफोर्स स्टेशन से मिग-27 (बहादुर) की सेवानिवृत्ति के बाद अब देश में केवल जोधपुर में ही मिग-27 एयरक्राफ्ट बचा है। इसे भी 2024 तक धीरे-धीरे कर के रिटायर कर दिया जाएगा। अब राफेल और तेजस इनकी जगह लेंगे। वायुसेना ने 29 दिसम्बर 2017 को बीकानेर के नाल एयरफोर्स स्टेशन से मिग-21 (16 वर्जन) और हाशिमारा से मिग-27 की विदाई की थी। तब खुद एयर चीफ मार्शल रहे बीएस धनोआ ने बीकानेर में मिग-21 से अंतिम उड़ान भरी।

 

 

वर्तमान में केवल जोधपुर स्टेशन पर मिग-27 की दो स्क्वाड्रन हैं। यहां मिग-27 का अपग्रेड जेट है, जिसमें 36 एयरक्राफ्ट हैं। मिग-27 बहादुर को हिंदुस्तान एयरोनॉटिकल लिमिटेड ने डिजिटलाइज्ड करके अपग्रेड किया था। जोधपुर में मिग-27 के अलावा सुखोई-30 एमकेआई की एक स्क्वाड्रन है। वर्तमान में देश में मिग-21, मिग-27 और मिग-29 की कुल 9 स्क्वाड्रन मौजूद हैं, जिन्हें धीरे-धीरे 2024 तक रिटायर कर दिया जाएगा। एक समय भारत के एयरफोर्स बेड़े में कुल मिग श्रेणी के 1200 विमान थे।

 

कारगिल में दुश्मनों का सफाया किया

तत्कालीन सोवियत यूनियन ने मिग विमान बनाए थे। भारत ने 1966 में पहला मिग-21 विमान खरीदा। मिग-27 विमान 1975 में आए। इन विमानों ने 1999 में पाकिस्तान के साथ हुए कारगिल युद्ध में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। वहीं 13 जून 2016 को जोधपुर में ही कुड़ी भगतासनी क्षेत्र में मिग-27 क्रैश हो गया था, जिसमें दो घर क्षतिग्रस्त हुए और तीन लोगों को चोटें आई थीं। रूस ने भारत के अलावा श्रीलंका और कजाकिस्तान को मिग-27 बेचे थे।


42 की जगह 31 स्क्वाड्रन

देश में वायुसेना की 42 स्वीकृत स्क्वाड्रन हैं। इनमें से वर्तमान में केवल 31 स्क्वाड्रन ही बची हैं। इनमें सुखोई-30 की 10 स्क्वाड्रन, ब्रिटिश जगुआर की 6 स्क्वाड्रन, फ्रांस के मिराज-2000 की दो स्क्वाड्रन और मिग-29 की तीन स्क्वाड्रन शामिल हैं। भारत में वर्तमान में फ्रांस से राफेल विमान की दो स्क्वाड्रन खरीद रहा है। पहला विमान पिछले साल सितम्बर में अंबाला में आ गया था। वहीं 2022 तक सभी ३६ विमान आ जाएंगे। तीसरी स्क्वाड्रन खरीदने पर वह जोधपुर में तैनात की जाएगी।



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