जोधपुर. राजस्थान अधीनस्थ एवं मंत्रालयिक सेवा चयन बोर्ड की ओर से रविवार को आयोजित जूनियर असिस्टेंट/क्लर्क ग्रेड द्वितीय पद की लिखित परीक्षा के दौरान ब्लूटूथ से नकल कराने वाली गैंग के चार अभ्यर्थियों को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस उपायुक्त (पूर्व) डॉ अमनदीपसिंह कपूर के अनुसार महामंदिर थाना क्षेत्र में एक स्कूल में तलाशी ली गई। वहां लालगढ़ (बीकानेर) निवासी सचिन पुत्र गोपालराम विश्नोई के कान में माइक्रो कैप्सूल मिला। ब्लूटूथ अण्डरवियर में था और इसकी केबल बनियान में टेप से चिपकी थी।
इसके बाद महामंदिर क्षेत्र में ही एक अन्य स्कूल से पांचू (बीकानेर) थानान्तर्गत जांगलू निवासी संजय विश्नोई पुत्र गंगाविशन, उसके चचेरे भाई सुरेश पुत्र रामस्वरूप विश्नोई और बिच्छवाल थाना क्षेत्र में इंदिरा कॉलोनी निवासी विक्रमसिंह पुत्र हुकमसिंह को हिरासत में लिया गया। इनके कानों में भी माइक्रो कैप्सूल लगा था और अण्डरवियर में ब्ल्यूटूथ छुपे थे। आरोपियों से बरामद डिवाइस में सिम भी लगी थी।
पांच लाख रुपए में परीक्षा पास करवाने की गारंटी
परीक्षा के नोडल अधिकारी व एडीसीपी (मुख्यालय) कैलाशसिंह सांदू ने बताया कि चारों आरोपियों से एक जैसी नकल सामग्री जब्त की गई है। ये सभी किसी एक ही गैंग के सम्पर्क में थे। इनसे पांच लाख रुपए लेकर परीक्षा पास कराने की गारंटी दी गई थी।
युवती सहित दो फर्जी अभ्यर्थी गिरफ्तार
उप निरीक्षक कैलाश के अनुसार सुमेर स्कूल में परीक्षा के दौरान पर्यवेक्षक को एक अभ्यर्थी पर संदेह हुआ। प्रवेश पत्र पर लगी फोटो से उसके चेहरे का मिलान नहीं हो रहा था। इस पर बाड़मेर जिले में धोरीमन्ना क्षेत्र के किशनेरिया गांव निवासी जगदीश पुत्र सुखराम विश्नोई को गिरफ्तार किया गया। वह बाड़मेर के ही स्वरूप सिंह की जगह परीक्षा दे रहा था। दोपहर दो से शाम पांच बजे वाली पारी में पाल रोड पर हनवंत स्कूल में मूल अभ्यर्थी की जगह परीक्षा दे रही निरमा को पकड़ा गया। वह सुनीता विश्नोई की एवज में परीक्षा दे रही थी। शास्त्रीनगर थाना पुलिस ने निरमा को गिरफ्तार किया है।
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